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Tuesday, December 1, 2020

Benefits of walking | रोज वाक करने या पैदल चलने के फायदे

Roj walk karne ke fayde

नमस्कार दोस्तों

रोज walking (वाल्किंग) करने के पाने बहुत सारे फायदे है| आज कल लोग वाल्किंग कम ही करते है लेकिन अगर आप रोज पैदल चलते है तो आपको कई सारे हेल्थ बेनेफिट्स मिलते है तो आज इस आर्टिकल में, मैं आपको बताऊंगा की benefits of walking क्या है| हमें कितने सारे  हेल्थ benefits (फायदे) मिलते है|

Benefits of walking | रोज वाक करने  के फायदे


benefits of walking | बेनेफिट्स ऑफ़ वाल्किंग | पैदल चलने के फायदे

वेट मेन्टेन और कम  करने में मदद करती है|

Benefits of walking | रोज वाक करने  के फायदे


जब हम चलते या वाल्किंग करते है तो हमारी बॉडी कैलोरीज बर्न करती है जिससे वाल्किंग से हमें अपना वजन कम करने और वेट को मेन्टेन करने  में मदद मिलती है|

ये है हाई प्रोटीन 

हर कोई कर सकता है|

वाल्किंग एक ऐसी एक्सरसाइज जिसको हर कोई कर सकता है, बच्चे से लेकर बड़े तक हर कोई इसे कर सकता है और वाल्किंग जरुर करना चाहिए|

किसी स्पेशल इक्विपमेंट की जरूरत नही पड़ती है|

जी हा आपको वाल्किंग करने या पैदल चलने के लिए किसी प्रकार के खास उपकरण (इक्विपमेंट) की जरूरत नही पड़ती है|

बॉडी को एक्टिव रखने का आसान तरीका है|

Benefits of walking | रोज वाक करने  के फायदे


वाल्किंग या पैदल चलना हमारी बॉडी को दिनभर एक्टिव रखने का सबसे आसान तरीका है| अगर आप सुबह 30 मिनट चलते है आपकी बॉडी पुरे दिनभर एक्टिव रहती है|

डिप्रेशन और एंग्जायटी को कम करता है|

Benefits of walking | रोज वाक करने  के फायदे


वाल्किंग का सबसे अच्छा फायदा यह है की वाल्किंग या चलने से एंग्जायटी (anxiety) और डिप्रेशन कम होता है| anxiety और depression आजकल बहुत की कॉमन प्रॉब्लम होती जा रही है| आजकल की लाइफ स्टाइल में हर किसी को anxiety की समस्या हो रही है|

वाल्किंग एक लो इम्पैक्ट एक्सरसाइज है|

वाल्किंग एक लो इम्पैक्ट एक्सरसाइज है जिसका मतलब यह है की वाल्किंग से हमारे बोन्स पर कम इम्पैक्ट (जोर) पड़ता है|

बेड (बुरे) कोलेस्ट्रोल को कम करता है|

पैदल चलने से या वाल्किंग करने से हमारे ब्लड और शरीर में मौजूद बुरा (bad) कोलेस्ट्रोल यानि लो डेन्सिटी लेपोप्रोटीन कम होता है| जिससे हार्ट अटैक आने का रिस्क कम हो जाता है|

गुड (अच्छे) कोलेस्ट्रोल को बढ़ता है|

पैदल चलने से या वाल्किंग करने से हमारे ब्लड और शरीर में  गुड (अच्छा) कोलेस्ट्रोल यानि हाई डेन्सिटी लेपोप्रोटीन का स्तर बढ़ता है| जो हमारे हार्ट और आर्टरीज के लिए अच्छा होता है|   

ब्लड प्रेशर को कम करता है|

Benefits of walking | रोज वाक करने  के फायदे


रोजाना वाल्किंग करने से या पैदल चलने से हमारे शरीर में बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर कम होता है| जिससे हमारी आर्टरीज के सेल्स की ageing स्लो हो जाती है|

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मूड को अच्छा करता है|

स्लो वाक करने से हमारा ब्रैने मस्त रिलैक्स हो जाता है जिससे हमारा मूड भी अच्छा होता है| इसलिए रोज वाक करना चाहिए |

इंजरी होने के चांसेस कम होते है|

सबसे बड़ा फायदा वाल्किंग का यह है की दूसरी एक्टिविटी के मुकाबले इसमें इंजरी होने क चांसेस बहुत कम होते है|

वाल्किंग से स्ट्रेस कम होता है|

स्लो वाल्किंग करने से  हमारा दिमाग रिलैक्स होता है और जो बॉडी में मेंटल स्ट्रेस होता है कम हो जाता है| स्ट्रेस को कम करने के लिए वाल्किंग करना एक बहुत ही शानदार तरीका है|

ह्रदय (दिल) की बीमारिया होने का खतरा कम होता है|

Benefits of walking | रोज वाक करने  के फायदे


वाल्किंग करने से हमारे हार्ट को बहुत फायदा होता है क्योकि वाल्किंग से हमारे हार्ट के काम करने की कैपेसिटी बढती है और हार्ट मज़बूत बनता है| जिससे हमें हार्ट जे जुडी बीमारिया होने का खतरा कम होता है|

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एरोबिक फिटनेस build होती है|

वाल्किंग से हमारा हार्ट तो strong होता है और साथ ही वाल्किंग से हमारी एरोबिक फिटनेस भी बढती है| हमारी बॉडी एरोबिक ज़ोन में ऑक्सीजन से अच्छे से एनर्जी बनाती है|

इन सभी के अलावा और भी बहुत फायदे है रोज वाक करने के जैसे

·         lean  मसल्स मास को मेन्टेन करने में मदद मिलती है

·         कुछ कैंसर के रिस्क को कम करता है

·         डायबिटीज होने के रिस्क को कम करता है|

·         हार्ट अटैक के रिस्क को कम करता है|

·         हड्डियों को strong रखने में मदद करता है| 

धन्यवाद

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Benefits of walking | रोज वाक करने के फायदे

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Friday, November 27, 2020

 

इन फ़ूड में है प्रोटीन भरपूर | high protein foods| protein rich foods | In foods me hai bharpur protein 

 

नमस्कार दोस्तों,

हमारे शरीर को डेली (रोज) प्रोटीन की जरूरत होती है| अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि प्रोटीन क्या है और किन फूड्स में प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है और प्रोटीन लेना क्यों जरुरी है| तो इस आर्टिकल में इन सवालो के जवाब मिल जायेंगे|   

इन फ़ूड में है प्रोटीन भरपूर | high protein foods| protein rich foods | In foods me hai bharpur protein


क्योकि,  आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि प्रोटीन क्या है और जानेंगे उन फ़ूड के बारे में जिनमे प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है|

प्रोटीन क्या है

प्रोटीन एमिनो एसिड संरचना  से बनी चैन (chain) होती है| हमारे शरीर को मुख्यत 20 प्रकार में एमिनो एसिड की जरूरत होती है| जिसमे से 9 एमिनो एसिड हमें फ़ूड से लेने की जरूरत होती है और दुसरे 9 हमारा शरीर खुद बना लेता है और बाकि बचे 2 एमिनो एसिड अगर जरूरत हो तो ही खाने ये या सप्लीमेंट के तौर पे ले सकते है| इन 20 एमिनो एसिड से हमारी बॉडी फिर जरुरुत के मुताबिक नये प्रोटीन बनाती है|

प्रोटीन हमारे शरीर के लिए कितना जरुरी है|

प्रोटीन हमारे शरीर के मसल्स के टिश्यू की मरम्मत , एंजाइमके लिए, रोग प्रतिरोधक शमता को बढ़ाने के लिए, कोलोजेंन और हड्डियों आदि के लिए बहुत ही जरुरी है| साथ ही प्रोटीन हमारे मेटाबोलिज्म को बनाये रखने के लिए भी जरुरी है| चाहे हमें वजन कम करना हो या बढ़ाना हो दोनों मामलो में ही सही मात्रा में प्रोटीन का सेवन बहुत ही जरुरी है|  

अब बात करते है उन फूड्स के बारे में जिनमे प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है|

इन फ़ूड में है प्रोटीन  भरपूर | high protein foods | प्रोटीन रिच फूड्स

प्रोटीन हमे दो प्रकार के स्त्रोत से मिलता है एक तो पोधो से और दूसरा है पशुओ (animal) से| यहाँ पर हम दोनों प्रकार से स्त्रोतों के बारे में बात करेंगे|

हाई प्रोटीन फ़ूड है अंडा

अंडा पोष्टिक फूड्स में से सबसे ज्यादा पोष्टिक है क्योकि इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है और साथ ही इसमें विटामिन्स और मिनरल्स भी पाये जाते है| अंडे में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाये जाते है जो हमारे शरीर को फ्री रेडिकल अटैक से बचाते है|

इन फ़ूड में है प्रोटीन भरपूर | high protein foods| protein rich foods | In foods me hai bharpur protein


एक अंडे में तक़रीबन 6 ग्राम प्रोटीन होता है| हमें रोजाना हमारे आहार में अंडे को शामिल करना चाहिए|

लो फैट curd (कम फैट वाला दही)

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दही एक बहुत ही अच्छा स्त्रोत है प्रोटीन का| साथ ही दही के प्रोटीन में भी वो सारे एमिनो एसिड होते है जो मसल्स की मरम्मत (रिकवरी) के लिए चाहिए| इसके अलावा दही का यह भी फायदा है कि दही में प्रो-बायोटिक बेक्टेरिया होते है जो हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है| साथ ही दही में कैल्शियम और फॉस्फोरस भी प्रचुर मात्रा में होता है जिससे दही का सेवन करने से हमारी हड्डिया भी मजबूत बनती है|

मछली (फिश) भी है हाई प्रोटीन फ़ूड


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फिश (मछली) में भी प्रोटीन बहुत ही अच्छी मात्रा में होता है| मछली से आपको करीबन 20-23 ग्राम प्रोटीन मिल जाता है और मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड भी होता है, जो बहुत ही जरुरी फैट है हमारी शरीर के लिए| ओमेगा 3 फैटी एसिड हार्ट के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है|

दूध (मिल्क) है प्रोटीन और मिनरल का खजाना

दूध एक सम्पूर्ण आहार है क्योकि में द्ध में अच्छी मात्रा में प्रोटीन होने के साथ कार्बोहाइड्रेट, फैट, विटामिन और मिनरल भी होते है|  एक कप (250ml) दूध से आपको 8.3 ग्राम प्रोटीन और 12 ग्राम कार्बोहाइड्रेट मिल जाता है और साथ ही आपको कैल्शियम और फोस्फोरस भी मिलता है जो हड्डियों को मजबूत बनाते है|

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मिल्क में ग्लुतामिन और मैग्नीशियम भी अच्छी मात्र में होता है जो हमारी बॉडी के स्ट्रेस लेवल को कम करने में मदद करता है|इसलिए दूध को हमारे आहार मी जरुर शामिल करना चाहिए

बहुत से लोगो को दूध नही पचता है क्योकि उन लोगो में दूध को पचाने वाला एंजाइम नही होता है| तो जिनको दूध अच्छे से पचता है उनके लिए दूध अच्छा विकल्प है |

चिकन से भी मिलेगा प्रोटीन

चिकन एक animal प्रोटीन है और इसमें वो सारे जरुरी एमिनो एसिड होते है जो हमारे शरीर को चाहिए|

चिकन ब्रेस्‍ट एक अच्छा हाई-प्रोटीन फ़ूड ऑप्‍शन है, जिसे आसानी से आपकी डिश में शामिल किया जा सकता है, लेकिन आपको प्रोसेस किया हुआ चिकन खाने से बचना चाहिए. 

इन फ़ूड में है प्रोटीन भरपूर | high protein foods| protein rich foods | In foods me hai bharpur protein


चिकन विटामिन बी का भी अच्छा स्रोत है, जैसे कि नियासिन और विटामिन बी 6, जो कार्डियोवैस्कुलर बीमारी के रिस्क को कम करने, मधुमेह बीमारी को कंट्रोल करने, और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने के लिए महत्वपूर्ण हैं|

पनीर (पनीर को आहार में शामिल करना  न भूले)

पनीर रात में खाने के लिए प्रोटीन का बहुत ही अच्छा विकल्प है| वेजीटेरियन लोगो के लिए फर्स्ट क्लास प्रोटीन का मुख्य स्त्रोत है| आप अपने आहार में लो फैट पनीर को शामिल करे| 

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पनीर में कैसिइन प्रोटीन होता है जो धीमी गति से पचता है| पनीर धीमी गति से पचने वाला फ़ूड है जिससे पनीर खाने के बाद काफी समय तक पेट भरा भरा लगता है| जिससे बार बार भूख नही लगती है|  

दाल (फाइबर और प्रोटीन का भंडार )

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शाकाहारी लोगो के लिए दाले प्रोटीन का प्रमुख और मुख्य स्त्रोत होता है| दालों में काफी अच्छी मात्रा में प्रोटीन होता है| दालो में ना केवल सिर्फ प्रोटीन होता ई बल्कि दालो में अच्छी मात्रा में आयरन, फोलेट,मेगनीज, पोटेशियम, फॉस्फोरस आदि मिनरल भी होते है

बादाम (almond)

बादाम एक हेल्‍दी स्‍नैक है| बादाम में  प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट, अनसैचुरेटेड फैटी एसिड और फाइबर काफी अच्छी मात्रा होता है. 

इन फ़ूड में है प्रोटीन भरपूर | high protein foods| protein rich foods | In foods me hai bharpur protein


बादाम कई  अन्य हेल्थ बेनिफिट भी देता हैं जैसे कार्डियोवैस्कुलर बीमारी से आपके हार्ट को प्रोटेक्ट करना, सूजन को कम करना, और ब्‍लड शूगर के लेवल को कंट्रोल करने में मदद करना इसलिए बादाम को अपनी डाइट में  शामिल जरुर करना चाहिए| 

नट्स और सीड्स

नट्स और सीड्स और इवनिंग स्नैक फ़ूड भी कहा जाता है क्योकि इनको ज्यादातर शाम के समय खाया जाता है| नट्स और सीड्स हार्ट फ्रेंडली होते है| नट्स और सीड्स में प्रोटीन के साथ साथ ज्यादा मात्रा में फैट भी पाया जाता है, इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में ही उपयोग करे

इन फ़ूड में है प्रोटीन भरपूर | high protein foods| protein rich foods | In foods me hai bharpur protein


नट्स और सीड्स की खास बात यह भी है की इनको आप ब्रेकफास्ट में भी उपयोग कर सकते है जैसे ओट्स में डालकर, पोहे में आदि में|

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इन फ़ूड में है प्रोटीन भरपूर | high protein foods| protein rich foods | In foods me hai bharpur protein

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Monday, November 16, 2020

 

कमर दर्द के कारण | कमर दर्द को दूर करने के उपाय

                     

कमर दर्द के लिए एक्सरसाइज (इन एक्सरसाइजेज से करे कमर दर्द को दूर) | kamar dard ke karan or usko dur krne ke upaay

 

आजकल कमर दर्द एक बहुत ही आम समस्या है| काफी लोग की कमर दर्द की समस्या की समस्या से गुजर रहे है, क्योकि आजकल के दौर में लगभग सभी लोगो का ऑफिस का काम बैठकर ही होता है|

कमर दर्द के कारण | कमर दर्द को दूर करने के उपाय


आजकल इस प्रकार की प्रॉब्लम होना कोई बड़ी बात नही है| लेकिन यह प्रॉब्लम हो जाये तो हमारे जीवन के बाकि के काम करना थोडा मुश्किल हो जाता है जैसे खड़े होना, झुकने और मुड़ने में, लेकिन इस समस्या को कुछ एक्सरसाइज और योग आसन के जरिये हम दूर कर सकते है|

 

तो आज इस आर्टिकल में, मैं कुछ ऐसी एक्सरसाइज और योग आसन के बारे में बताने वाला जिनको करके आप अपने कमर दर्द को दूर कर सकते है|

यह भी पढ़े - इन एक्सरसाइज क करने से होगी पीठ मज़बूत   

तो चलिए देखते है की वो कौनसी एक्सरसाइजेज और योगासन है लेकिन इससे पहले यह देख लेते है की कमर दर्द की समस्या क्यों होती है

 

क्यों होता है कमर दर्द ( कमर दर्द होने के कारण)

पूरा दिन बैठकर काम करना

कमर दर्द होने का सबसे बड़ा कारण अक्सर दिन भर बैठकर काम करना है वर्तमान समय में लोगो को सारा काम बैठकर ही करना पड़ता है जिसे कमर दर्द की समस्या की सम्भावना ज्यादा हो गयी है|

बैठे की अवस्था (मुद्रा) का सही नही होना

कमर दर्द के कारण | कमर दर्द को दूर करने के उपाय


कभी कभी हमारे बैठने की अवस्था भी सही नही होती है जिससे भी कमर दर्द की प्रॉब्लम होती है| अक्सर  लोग बैक (पीठ) को राउंड करके बैठते है जिससे पीठ के मसल्स में बेवजह खिचांव आता है|

एक्सरसाइज ना करना

हमें पता ही है की एक्सरसाइज के कितने सारे फायदे है| एक्सरसाइज हमारे शरीर को लचीला बनाता है, इसके बाद भी लोग एक्सरसाइज नही करते है जिससे कमर दर्द होने की सम्भावना होती है|

जानिए फिजिकल फिटनेस क्या है 

मसल्स (मासपेशियो) का स्टिफ होना

मसल्स के स्टिफ होने से भी कमर दर्द होता है| जब स्टिफ मसल्स में मूवमेंट करते है तो मूवमेंट करते वक्त उन मसल्स में काफी दर्द का एहसास होता है|

मोटापा होना



कमर दर्द के कारण | कमर दर्द को दूर करने के उपाय


मोटापा भी कमर दर्द के कारणों में से एक है जब हमारे शरीर का वजन ज्यादा गोटा है तो उसका वजन हमारे बेक (पीठ) पर भी आता है और ज्यादा हर आने से रीढ़ की हड्डी पर ज्यादा दबाव पड़ता है जिससे कमर दर्द की समस्या होती है| 

 

कमर दर्द को दूर करने के लिए करे इन एक्सरसाइजेज को करे

एक्सरसाइज के बहुत सारे फायदे होते है एक्सरसाइज से शरीर की ताकत बढती है और लचीलापन भी बढ़ता है इसलिए एक्सरसाइज को अपनी जिन्दगी का हिस्सा बनाये|

 

कैट कैमल (cat camel)

कमर दर्द  कम करने के लिये बहुत ही बढ़िया है इससे पीठ में मसल्स में लचीलापन आता है और पीठ मजबूत होती है| और इस एक्सरसाइज की सबसे अच्छी बात यह है इसमें पुरे पीठ की मासपेशिया काम करती है|  

कमर दर्द के कारण | कमर दर्द को दूर करने के उपाय

cat camel exercise ko kaise kare youtube में देखे

इस एक्सरसाइज को करने के लिए पहले हम पीठ को कैट (बिल्ली) की मुद्रा में नीचे करते है और फिर ऊंट (camel) की मुद्रा मे ऊपर करते है| इस प्रकार आप इसको 12 से 15 दोहराए|

बर्ड डॉग एक्सरसाइज

यह भी बढ़िया एक्सरसाइज है इससे भी पीठ के मसल्स की ताकत बढती है और कमर दर्द करने में और यूज़ ठीक करने में मदद करती है |

कमर दर्द के कारण | कमर दर्द को दूर करने के उपाय


इसको करने के लिए सबसे पहले आप घुटनों और हथेली पर आये ( कैट कैमल एक्सरसाइज की पोजीशन की तरह ) फिर आपको दांया हाथ और बांया पैर एक साथ धीरे धीरे ऊपर उठाये फिर ठीक उसी प्रकार बांया हाथ और दांया पैर को उठाये| ऐसे ही 10 से 12 बार करे| इससे आपको कमर दर्द में काफी रहत मिलेगी|

ब्रिज एक्सरसाइज

लोअर बेक (पीठ) के लिए यह अच्छी एक्सरसाइज है| साथ ही इससे ग्लुट्स के मसल्स भी मज़बूत बनते है

कमर दर्द के कारण | कमर दर्द को दूर करने के उपाय


इस एक्सरसाइज को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाए फिर घुटनों को मोड़े, हाथ सीधे करे और हथेली जमीन की तरफ रखे, फिर पेल्विक को धीरे धीरे ऊपर उठाये और वापिस नीचे लाये| ऐसे 10 से 12 बार करे|

अल्टरनेट हैण्ड लेग रेज

कमर के निचले हिस्से के मसल्स को मज़बूत करने के लिए आप इस एक्सरसाइज को कर सकते है

कमर दर्द के कारण | कमर दर्द को दूर करने के उपाय


इस एक्सरसाइज को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाए, पैर सीधे रखे, फिर आपको दांया हाथ और बांया पैर एक साथ धीरे धीरे ऊपर उठाये और नीचे लाये  फिर ठीक उसी प्रकार बांया हाथ और दांया पैर को उठाये और नीचे लाये| इसी प्रकार इसको दस-दस बार दोनों साइड करे|

जानिए वार्मअप करना क्यों जरुरी है 

 

योगासन

कमर (पीठ) दर्द को कम करने के लिए एक्सरसाइज के साथ योगासन भी हमें काफी मदद करते है| कमर दर्द को कम करने के लिए आप मकरासन, भुजंगासन, वज्रासन आदि योगासन कर सकते है| स्टार्ट में एक दो से प्रारम्भ करे फिर धीरे धीरे इसकी आवर्ती बढ़ाये|

कमर दर्द के कारण | कमर दर्द को दूर करने के उपाय


अगर आपका कमर का दर्द ज्यादा है, तो किसी प्रशिक्षक की सलाह जरुर ले ताकि कमर दर्द और ज्यादा न बढ जाये| कमर दर्द को हल्के में ना ले क्योकि यह समस्या आगे जाकर आपको भारी पड़ सकती है|

धन्यवाद

हेल्थ और फिटनेस से जुडी और जानकारी के लिए सब्सक्राइब जरुर करे| अगर यह जानकारी पसंद आई हो तो शेयर करे और दुसरो तक भी पहुचाये|  

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रात को लहसुन खाने के फायदे 

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वजन कम कैसे करे

 

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Sunday, November 8, 2020

फिजिकल फिटनेस इन हिंदी | physical fitness in hindi | fitness meaning in hindi

क्या सिक्स पैक अब्स होना ही फिटनेस है?

अक्सर लोग अच्छी बॉडी और सिक्स पैक अब्स और स्लिम बॉडी देखकर बोलते है की वाह!   यह तो कितना फिट है| लेकिन ऐसा नही है क्योकि फिटनेस शब्द का मतलब सिर्फ यह नही नही की हमारी बॉडी अच्छी स्लिम और सिक्स पैक वाली हो|

फिटनेस के पांच कॉम्पोनेन्ट होते है और फिटनेस को पाने के लिए आपको फिटनेस के उन पांचो कॉम्पोनेन्ट पर काम करना पड़ेगा|

फिजिकल फिटनेस इन हिंदी | physical fitness in hindi | fitness meaning in hindi


तो इस आर्टिकल में आप मैं आपको बताने वाला हूँ फिटनेस के सही मतलब के बारे में और उनके कॉम्पोनेन्ट के बारे में साथ ही यह भी बताऊंगा की फिटनेस के पांचो कॉम्पोनेन्ट पर कैसे काम करना है ताकि आप फिट रह सको|


फिटनेस का सही मतलब

फिटनेस शब्द का मतलब अपने आप में अनोखा है| फिटनेस  और फिट होने का मतलब यह है की आप अपने दिनचर्या के काम बिना थके कर पाये| ये होता है फिटनेस का सही और सटीक मतलब|  अच्छी बॉडी होना सिर्क एक पार्ट है फिटनेस है|

यह भी पढ़े - इस वर्कआउट से करे वजन और फैट कम 

फिटनेस के कॉम्पोनेन्ट

फिटनेस के बेसिक पांच कॉम्पोनेन्ट होते है| जिनको हम विस्तृत से समझेंगे और उन पर कैसे काम करना है|

1) कार्डियोवैस्कुलर एंड्यूरेन्स (cardiovascular endurance)

2) मस्कुलर एंड्यूरेन्स (muscular endurance)

3) म्स्कुलोस्केलेटल स्ट्रेंथ  (musculoskeletal strength)

4) फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility)

5) आइडियल बॉडी कम्पोजीशन (ideal body composition)

कार्डियोवैस्कुलर एंड्यूरेन्स (cardiovascular endurance)

कार्डियोवैस्कुलर एंड्यूरेन्स का मतलब यह होता है आपके हार्ट और लंग्स के बिना थके काम करने की क्षमता| मतलब की जब भी आप कुछ भी काम करे तो आपके आपका हार्ट और लंग्स दोनों ही उस काम को करने के दौरान जल्दी न थके|

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कार्डियोवैस्कुलर एंड्यूरेन्स (cardiovascular endurance) को कैसे बढ़ाये (improve करे)

कार्डियोवैस्कुलर एंड्यूरेन्स को बढ़ाने के लिए आपको एरोबिक एक्सरसाइज करनी पड़ेगी| एरोबिक एक्सरसाइज  को करने से हमारे हार्ट और लंग्स की काम करने की क्षमता बढती है| और साथ ही फैट कम करने में भी मदद करती है|

एरोबिक एक्सरसाइज वे एक्सरसाइज होती है जिन्हें आप लम्बे समय तक करते है और ऑक्सीजन को मौजूदगी में करते है| अक्सर एरोबिक एक्सरसाइज को कार्डियो एक्सरसाइज भी खा जाता है|

एरोबिक एक्सरसाइज करने के लिए आप स्विमिंग, साइकिलिंग, जोगिंग, वाल्किंग आदि कर सकते है|

मस्कुलर एंड्यूरेन्स (muscular endurance)

मस्कुलर एंड्यूरेन्स (muscular endurance) का मतलब यह होता है की आपके मसल्स  की बिना थके लम्बे समय तक काम (work) करने की क्षमता|

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मस्कुलर एंड्यूरेन्स (muscular endurance) को कैसे बढ़ाये (improve करे)

मस्कुलर एंड्यूरेन्स (muscular endurance) को बढ़ाने के  लिए हमें एरोबिक एक्सरसाइज करनी होगी|

जब हम एरोबिक एक्सरसाइज करते है  तो हमारा कार्डियोवैस्कुलर endurance improve होने  के साथ मस्कुलर एंड्यूरेन्स (muscular endurance) भी improve होता है, लेकिन सर उनका ही जो मसल्स उस एक्सरसाइज में वर्क कर रहे है जैसे की जब आप जोगिंग कर रहे है तो उसमे सिर्फ लोअर बॉडी के मसल्स काम कर रहे है तो सिर्फ लोअर बॉडी के मसल्स का ही मस्कुलर एंड्यूरेन्स improve होगा|

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पुरे बॉडी का मस्कुलर एंड्यूरेन्स (muscular endurance) improve करने के लिए हमें क्रॉस ट्रेनिंग वाली एरोबिक एक्सरसाइज करनी पड़ेगी मतलब कि ऐसी एक्सरसाइज करनी पड़ेगी जिसमे अपर और लोअर बॉडी दोनों का यूज़ हो, जिसके लिए हम स्विमिंग क्रॉस ट्रेनिंग मशीन आदि का यूज़ कर सकते है|

म्स्कुलोस्केलेटल स्ट्रेंथ  (musculoskeletal strength)

म्स्कुलोस्केलेटल स्ट्रेंथ  (musculoskeletal strength) का मतलब यह है कि आपके शरीर के मसल्स के कितनी ताकत है | आपके मसल्स और बोन्स strong होने चाहिए क्योकि अगर हमारे बोन्स कमजोर है तो हमारा शरीर समय से पहले कमजोर हो जाता है, जिससे ओस्टियोआर्थराइटिस और स्पोंडिलोसिस जैसे प्रॉब्लम होने का खतरा बढ़ जाता है|

म्स्कुलोस्केलेटल स्ट्रेंथ  (musculoskeletal strength) को कैसे बढ़ाये  

म्स्कुलोस्केलेटल स्ट्रेंथ  (musculoskeletal strength) को बढ़ाने के लिए आपको स्ट्रेंथट्रेनिग करनी होगी| स्ट्रेंथ ट्रेनिंग/वेट ट्रेनिग हमारे मसल्स और बोन्स को strong बनाते है|

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खासकर कंपाउंड एक्सरसाइज बहुत ही फायदेमंद होती है| कंपाउंड एक्सरसाइज में  डेडलिफ्ट, स्कवेट, लंजेस, पुश प्रेस  आदि  इन सभी एक्सरसाइज को कर सकते है|

फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility)

फ्लेक्सिबिलिटी जॉइंट के आसपास के रेंज ऑफ मोशन को कहते कहते है| जिसका मतलब यह है की आपके मसल्स की इलास्टिसिटी कितनी है|

फिजिकल फिटनेस इन हिंदी | physical fitness in hindi | fitness meaning in hindi


फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility) अच्छी होना बहुत जरुरी है क्योकि आपके शरीर के आइडियल पोस्चर तभी मेन्टेन रहेगा जब आपकी फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility) अच्छी होगी|

फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility) को बढ़ाये कैसे करे (improve करे)

फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility) को improve करने के लिए हमें रेगुलर स्ट्रेचिंग करनी पड़ेगी और साथ ही आप योगासन भी कर सकते है| योगासन और रेगुलर स्ट्रेचिंग बहुत ही मदद करते है हमारी बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी की बढ़ाने में  

आइडियल बॉडी कम्पोजीशन (ideal body composition)

आइडियल बॉडी कम्पोजीशन (ideal body composition) का मतलब यह होता है कि आपके बॉडी के फैट और लीन मसल्स मास के आइडियल रेश्यो|

फिजिकल फिटनेस इन हिंदी | physical fitness in hindi | fitness meaning in hindi


पुरुष को आइडियल बॉडी कम्पोजीशन वाला व्यक्ति उस स्थिति में खा जाता है जब उसका बॉडी का फैट प्रतिशत (%) 15% से कम हो और स्त्री का 20 से 25 % के बीच में हो|

आइडियल बॉडी कम्पोजीशन (ideal body composition) पर कैसे काम करे

फिटनेस के सभी अन्य पहलुओ पर  सही काम करते हुए  ओत उन्हें बेहतर करने के लिए सही से पोषण (nutrition) पर ध्यान दिया जाये तो फिटनेस के इस कॉम्पोनेन्ट को प्राप्त किया जा सकता है|

इस प्रकार से अगर आप इन पांचो कंपोनेंट्स पर सही से काम करेंगे तो आप फिट रह सकते है|

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