Wednesday, July 29, 2020

BENEFITS OF ANAEROBIC EXERCISE AND MEANING

 

एनेरोबिक एक्सरसाइज –  एनेरोबिक एक्सरसाइज वो होती है| जिसे ऑक्सीजन के बिना परफॉर्म किया जाता है | जिसका यह मतलब यह है की एक्सरसाइज को परफॉर्म करने के लिए बॉडी(body) ऑक्सीजन के बिना एनर्जी बनाती है जैसे - वेट लिफ्टिंग, स्प्रिंट आदि |

एनेरोबिक एक्सरसाइज मुख्यतः मस्लस (muscles)  साइज़ और स्ट्रेंथ बढ़ने के लिए के लिए की जाती है लेकिन इसके कई और भी फायदे है |

एनेरोबिक एक्सरसाइज के फायदे  –-

  •      एनेरोबिक एक्सरसाइज हड्डियों (bone) का घनत्व (density) बढ़ने में मदद करती है जिससे हड्डिया मजबूत होती है  और ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) होने का खतरा (रिस्क) कम होता है |
  • मसल्स की ताकत और साइज़ बढाने में मदद करती है जिससे मेटाबोलिक रेट बढती है और मोटापा होने का खतरा कम होता है |
  •  एनेरोबिक एक्सरसाइज से  मसल्स बढ़ने के साथ साथ लिगामेंट टेंडन भी मजबूत होते है |
  •   एनेरोबिक एक्सरसाइज का एक फायदा  यह भी है की इससे इन्सुलिन (insulin) सेंसेविटी (sensitivity) को बढ़ाती है|  जिससे टाइप 2 डायबिटीज  होने का खतरा (रिस्क) कम होता है |
  •  एनेरोबिक exercise से हमारे पोस्चर और संतुलन (स्टेबिलिटी)  में भी काफी सुधार आता है जिससे लोअर बैक पैन (lower back pain) भी कम होता है |  

अंग्रेजी में पढ़े नीचे 

यह भी पढ़े -  

how to calculate BMR 

what is bmr  

what is flexibility



BENEFITS OF ANAEROBIC EXERCISE AND MEANING 

Anaerobic exercise - Anaerobic exercise is the one.  Which is performed without oxygen.  Which means that the body makes energy without oxygen to perform the exercise. Such as weight lifting, sprint etc. 

 Anaerobic exercise is mainly done to increase the muscle size and strength, but it has many other benefits.

 Benefits of anaerobic exercise

 •Anaerobic exercise helps in increasing the density of bones, which makes bones stronger and reduces the risk of osteoporosis.

 • Helps in increasing the strength and size of muscles, which increases the metabolic rate and reduces the risk of obesity.

 Also strengthen the tendons and ligament.

 • An advantage of anaerobic exercise is that it increases insulin sensitivity, which reduces the risk of type 2 diabetes.

 • Anaerobic exercise also greatly improves our posture and stability, which also reduces lower back pain.

read this too 

BENEFITS OF ANAEROBIC EXERCISE

BENEFITS OF ANAEROBIC EXERCISE AND MEANING   एनेरोबिक एक्सरसाइज –   एनेरोबिक एक्सरसाइज वो होती है| जिसे ऑक्सीजन के बिना परफॉर्म किया जाता...

Friday, July 24, 2020

WHAT TO EAT AFTER EXERCISE / एक्सरसाइज के बाद क्या खाएं


बहुत सारे लोगो में यह कान्फयुजन होता है, की एक्सरसाइज के बाद क्या खाए| तो आज इस आर्टिकल में आपको बताऊंगा की आपको एक्सरसाइज के बाद क्या खाना चाहिए

इससे पहले हम यह जान लेते है की एक्सरसाइज के बाद खाना क्यों जरुरी है   

एक्सरसाइज करने के बाद से हमारी एनर्जी ड्राप हो जाती है और हम थक जाते है | क्योकि किसी भी फिजिकल वर्क को करने के लिये एनर्जी लगती है|

एक्सरसाइज करने से  हमारे मसल्स में भी टूट-फूट (wear and tear) होता है तो मसल्स को वापिस रिपेयर करने  और एनर्जी की रिकवरी के लिए पोस्ट वर्कआउट मील (खाना)  जरुरी होता है

अंग्रेजी में पढ़े नीचे 

WHAT TO EAT AFTER EXERCISE ( best 5 post workout food)

दोस्तों एक्सरसाइज के बाद वाला मील (भोजन) हमेशा प्रोटीन वाला होना चाहिये इस मील में कितना प्रोटीन होना चाहिए यह आपके वजन, हाइट, उम्र और एक्सरसाइज की तीव्रता (intensity) पर निर्भर करता है

यहाँ पर में यह भी बताना चाहूँगा की इस मील में प्रोटीन के साथ जल्दी से खपने (absorb) कार्बोहाइड्रेट भी शामिल करना चाहिए क्योकि कार्बोहाइड्रेट, एक्सरसाइज से ड्राप हुयी एनर्जी को रिकवर कर देगा और प्रोटीन का यूज़ मसल्स की रिपेयर (रिकवरी) के लिए होगा|

तो अब में आपको बताता हूँ, पांच ऐसे मील और फ़ूड जिसे आप वर्कआउट (एक्सरसाइज) के बाद खा सकते है|

तो अब बात करते है  की एक्सरसाइज के बाद क्या खाया जाये

1.      व्हे प्रोटीन

2.      अंडा

3.      फिश (मछली)

4.      स्किम्ड मिल्क

5.      दही  

यह भी पढ़े :- एक्सरसाइज से पहले क्या खाए

1) व्हे प्रोटीन – यह एक सप्लीमेंट होता है जो दूध से बनता है| यह पाउडर के रूप में आता है

दूध के अन्दर दो तरह का प्रोटीन होता है एक तो होता है व्हे और दूसरा कैसिइन प्रोटीन|

व्हे प्रोटीन जल्दी से पचने वाला प्रोटीन है और यह जल्दी से ब्लड में पहुँचता है जिससे मसल्स को जल्दी रिकवरी करनी में मदद मिलती है

इसे पानी और दूध के साथ लिया जाता है इसके एक चम्मच (स्कूप) में तक़रीबन 20-25 प्रोटीन मिल जाता है |

2) अंडा – एक अंडे में तक़रीबन 6.5 ग्राम प्रोटीन होता है | इसकी बायोलोजिकल वैल्यू भी अच्छी होती है जिसका मतलब यह है की यह पचने में आसान होता है| इसके अंदर सारे एमिनो एसिड होते है जो जरुरी होते है मसल्स की मरम्मत (रिकवरी) के लिए |

3) मछली (फिश) – आप एक्सरसाइज के बाद मछली भी खा सकते है | मछली से आपको करीबन 20-23 ग्राम प्रोटीन मिल जाता है और मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड भी होता है, जो बहुत ही जरुरी फैट है हमारी शरीर के लिए |

4) स्किम्ड मिल्क – स्किम्ड मिल्क जो की बिना फैट वाला दूध होता है का भी यूज़ आप एक्सरसाइज के बाद कर सकते है| एक कप (250ml) दूध से आपको 8.3 ग्राम प्रोटीन और 12 ग्राम कार्बोहाइड्रेट मिल जाता है और साथ ही आपको कैल्शियम और फोस्फोरस भी मिलता है जो हड्डियों को मजबूत बनाते है|

बहुत से लोगो को दूध नही पचता है क्योकि उन लोगो में दूध को पचाने वाला एंजाइम नही होता है| तो जिनको दूध अच्छे से पचता है उनके लिए दूध अच्छा विकल्प है |

4) दही-(curd) दही भी प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत है|  दही में इन चारो में मुकाबले कम प्रोटीन होता है लेकिन दही के प्रोटीन में भी वो सारे एमिनो एसिड होते है जो मसल्स की मरम्मत (रिकवरी) के लिए चाहिए|

इसके अलावा दही का यह भी फायदा है कि दही में प्रो-बायोटिक बेक्टेरिया होते है जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है|

यह भी पढ़े :- what is bmr  

how to calculate bmr 

flexibility

 

 

WHAT TO EAT AFTER EXERCISE

Many people have this confusion, what to eat after exercise. So today in this article I will tell you what to eat after exercise

Before this, let’s understand this why it’s important to eat after exercise.

When we exercise, our energy gets drained and we are tired. Because the body needs the energy to do any physical work

 

Exercise causes wear and tear in our muscles as well, so we need to take post-workout meal for repairing and recovery of muscle

 

The meal after exercise should always be protein-rich, how much protein should be in this meal, it depends on your weight, height, age, and intensity of exercise.

Here I would also like to mention that in this meal, include some fast absorbed carbohydrates with protein because carbohydrate will recover the dropped energy from exercise and the protein will be used for repairing the muscles.

So now I will tell you about five such meals and food that you can eat after a workout.

So now let's talk about what to eat after exercise

1.  Whey Protein

2.  Egg

3.  Fish

4.  skimmed milk

5.  Curd

Read this too:- What to eat before exercise

1) Whey Protein – whey protein is a supplement that is made from milk. It comes in powder form.

Milk contains two types of protein; one is whey and the other casein protein.

Whey protein is a fast-digesting protein, it reaches quickly in the bloodstream, which helps for the fast recovery of muscles.

It is taken with water and milk. One scoop of whey protein contains 20-25 proteins.

2) Egg - An egg contains about 6.5 grams of protein. It's biological value is also good, which means that it is easy to digest. It contains all the amino acids which are necessary for the recovery of muscles.

3) Fish - You can also take fish after exercise. 100g of fish gives you about 20-23 grams of protein and fish also contains omega 3 fatty acids which is an essential fat for our body.

4) Skimmed Milk - You can also use skimmed milk, which is non-fat milk, after exercise. A cup (250ml) of milk gives you 8.3 grams of protein and 12 grams of carbohydrates, as well as calcium and phosphorus which make bones strong.

Many people are not able to digest milk because they do not have those enzymes to digest milk. So for those who digest milk well, milk is a good choice.

5) Curd - Curd is also a good source of protein. Yogurt has less protein than these four but yogurt protein contains all the amino acids that are needed for repairing the muscles.

Apart from this, yogurt also has the advantage that it contains probiotic bacteria which makes the digestive system strong.

If you liked this article do like and share with your friend

 

 

 

 

 


WHAT TO EAT AFTER EXERCISE

WHAT TO EAT AFTER EXERCISE /  एक्सरसाइज   के बाद क्या खाएं बहुत सारे लोगो में यह कान्फयुजन होता है, की एक्सरसाइज के बाद क्या खाए | तो आज...

Monday, July 20, 2020

 BEST 5 PRE-WORKOUT FOOD

एक्सरसाइज से पहले खाए जाने वाले बेस्ट फ़ूड

pre workout food

जब भी हम एक्सरसाइज करते है तो हमें वर्कआउट (एक्सरसाइज) करने के लिए एनर्जी की जरुरत होती है जो की हमें फ़ूड (खाने) से मिलती है| तो में आपको 5 ऐसे फ़ूड बताऊंगा जो आप एक्सरसाइज करने से पहले खा सकते है|

1) ओट्स(oats)  ओट्स (oats) एक बहुत ही अच्छा स्त्रोत है कार्बोहाइड्रेट का और oats एक काम्प्लेक्स  कार्बोहाइड्रेट है| और ओट्स(oats) में फाइबर भी अच्छी मात्रा में होता है| 

ओट्स में  beta glucan नाम का फाइबर भी होता है |

ओट्स (oats) धीमी स्पीड से पचता और अब्सोर्प (absorb) होता है जिससे हमें एक्सरसाइज के समय धीरे धीरे एनर्जी मिलती रहती है और पुरे वर्कआउट के दौरान लो एनर्जी महसूस नही होती है | इसलिए oats एक बहुत अच्छा विकल्प है, वर्कआउट से पहले खाने के लिए |

2) दूध (milk) दूध भी एक अच्छा विकल्प है एक्सरसाइज से पहले खाने के लिए| क्योकि दूध में धीमी गति से पचने वाला कार्बोहाइड्रेट, और फर्स्ट क्लास प्रोटीन होता है |

दूध में लेक्टोज नामक का शुगर होता है| जो धीमी गति से पचता है| जिससे शरीर को धीरे–धीरे एनर्जी मिलती रहती है| इसके अलावा दूध में कैल्शियम और फॉस्फोरस भी अच्छी मात्रा में होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाते है| तो जो लोग लेक्टोज intolerant नही है उनको लिए प्री-वर्कआउट फ़ूड के रूप में दूध एक बहुत ही अच्छा विकल्प है|

3) सेब (apple) – सेब एक प्री-वर्कआउट फ़ूड होने का कारण यह है की सेब में काम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट होता है और सेब के अंदर पेक्टिन नाम का फाइबर भी होता है |

सेब के अंदर fructose नाम का शुगर की होती है जो धीमी गति से पचती है और शरीर को धीरे-धीरे एनर्जी मिलती रहती है जिससे वर्कआउट अच्छे से हो पाता है| आपने यह तो सुना ही होगा की रोज  (daily) एक सेब (apple) आपको डॉक्टर से दूर रखता है| यह इसलिए क्योकि सेब के अंदर बहुत सारे एंटीऑक्सीडेंट होते है जो बॉडी के सेल्स(cells) को फ्री रेडिकल से बचाते है|

4) दही-(curd) - दही की बारे में कौन नही जानता है| दही एक अच्छा स्त्रोत है काम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट (कम मात्रा में) और प्रोटीन का| इसके अलावा दही में प्रो-बायोटिक बेक्टेरिया भी होते है जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है|

जब भी आप दही को एक्सरसाइज से पहले खाने में ले तो उसके साथ कोई cereal (अनाज) को भी शामिल करे| उससे आपको कार्बोहाइड्रेट भी मिलेंगे जिससे वर्कआउट के लिए अच्छी एनर्जी मिलेगी| 

दही का उपयोग आप एक्सरसाइज के बाद भी कर सकते है क्योकि दही में प्रोटीन भी अच्छी मात्रा में होता है और अच्छी क्वालिटी का होता है|

दही में लयूसिन (leucine) नाम का एमिनो एसिड भी अच्छी मात्रा में होता है जिसकी मसल्स की ग्रोथ में काफी अहम भूमिका होती है| 

5) किनुआ (Quinoa) - किनुआ (Quinoa) भी एक अच्छा फ़ूड है एक्सरसाइज से पहले खाने के लिए| यह बहुत ही अच्छा और पोषण से भरपूर फ़ूड है| किनुआ (Quinoa) ग्लूटेन फ्री होता है | किनुआ (Quinoa) में प्रोटीन और फाइबर भी अच्छी मात्रा में होता है और इसमें फैट बहुत कम मात्रा में होता है|

किनुआ (Quinoa) धीमी गति से पचने वाला फ़ूड है| यह धीमी गति से पचता और अब्सोर्ब होता है तो यह भी एक बहुत ही अच्छा विकल्प ही एक्सरसाइज पे पहले खाने के लिए|

अंग्रेजी में पढ़े नीचे

यह भी पढ़े - 

flexibility  

how to calculate BMR

what is bmr



BEST 5 PRE-WORKOUT FOOD

Whenever we exercise, we need energy to do exercises that we get from food. So, I will tell you 5 such foods that you can eat before exercising.

1) Oats - Oats are a very good source of carbohydrates and oats are complex carbohydrates. Oats also contain a good amount of fiber. Oats also contain a fiber called beta-glucan.

Oats are digested and absorbed at a slow speed, due to which we get energy slowly during exercise and do not feel low energy during the entire workout. So oats are a great option to eat before a workout.

2) Milk - Milk is also a good option to eat before exercise. Because milk contains slowly digested carbohydrates and first class protein.

Milk contains a sugar called lactose. Which digests slowly. Due to which the body keeps getting energy gradually. In addition, milk also contains a good amount of calcium and phosphorus, which makes bones strong. So milk is a very good option as a pre-workout food for those who are not lactose intolerant.

3) Apple - Reason being that apple is a pre-workout food is that apple contains complex carbohydrates and apple also contains fiber (pectin).

Apples contain fructose sugar which is digested slowly. Due to which the body gets energy gradually so that the workouts can be done well. You must have heard that an apple keeps you away from the doctor. This is because apple contains a lot of antioxidants that protect cells from free radicals.

4) Curd - Who does not know about curd. Yogurt is a good source of complex carbohydrates (in small amounts) and protein. In addition to this yogurt also contains probiotic bacteria which make the digestive system strong.

Whenever you eat yogurt before exercise, include some cereal with it. It will also give you carbohydrates which will give good energy for workouts.

 You can use yogurt even after exercise because the protein in curd is also in good quantity and is of good quality.

Curd also contains a good amount of amino acid called leucine, which has a very important role in the growth of muscles.

5) Quinoa - Quinoa is also a good food to eat before exercise. It is a very good nutritious food and gluten-free. Quinoa also has a good amount of protein and fiber. It contains very small amounts of fat.

Quinoa is slow-digesting food. It digests and absorbs slowly, so it is also a very good option to eat before exercise.


If you liked the article then subscribe and share it with your friend.


Best 5 pre workout food

  BEST 5  PRE-WORKOUT FOOD एक्सरसाइज से पहले खाए जाने वाले बेस्ट फ़ूड जब भी हम एक्सरसाइज करते है तो   हमें वर्कआउट (एक्सरसाइज) करने के ...

Tuesday, July 14, 2020

Flexibility (फ्लेक्सिबिलिटी )


फ्लेक्सिबिलिटी किसी जॉइंट के आस –पास की रेंज ऑफ़ मोशन को कहते है| इसका मतलब यह है की कोई जॉइंट के आस-पास के अंगो (लिगामेंट, मसल्स, जॉइंट कैप्सूल आदि) को बिना नुक्सान पहुचाये कितना मोवमेंट कर सकता है|  

जॉइंट की फ्लेक्सिबिटी उसके आस-पास के अंगो और टिश्यू के एक्सेटेंसिबिलिटी ( तनने की क्षमता ) और इलास्टिसिटी (तनने या सिकुड़ने के बाद वापिस अपनी अवस्था में आने की क्षमता) पर निर्भर करती है|

Ø        5 कारक जो फ्लेक्सिबिलिटी को प्रभावित करते है -

1) उम्र  :- जैसे जैसे उम्र बढती है वैसे वैसे फ्लेक्सिबिलिटी भी कम होती जाती है और हमारी मूवमेंट की रेंज भी कम होती जाती है | अगर हम फिजिकली एक्टिव रहे तो फ्लेक्सिबिलिटी के कम होने को गति (speed) कम किया जा सकता है | क्योकि जैसे जैसे हमारी उम्र बढती जाती है, हमारी अंगो की इलास्टिसिटी और एक्सेटेंसिबिलिटी भी कम होती जाती है|

2) लिंग :- महिलाएं पुरुषो के मुकाबले ज्यादा फ्लेक्सिबल होती है | हालाँकि एक अच्छे सही तरीके से डिजाइन किये गये ट्रेनिंग प्रोग्राम (वेट ट्रेनिंग and स्ट्रेचिंग) से पुरुष और महिला दोनों की फ्लेक्सिबिलिटी को बढाया जा सकता है|

3) एक्टिविटी (सक्रियता) :- जो लोग रेगुलर एक्सरसाइज करते है, उनकी फ्लेक्सिबिलिटी ज्यादा होती है, उनके मुकाबले जो लोग एक्सरसाइज नही करते है|

4) टिश्यू तापमान (temperature) :- मसल  तापमान (temperature) में बदलाव होने से रेंज ऑफ मोशन में 20% का चेंज ( कम या ज्यादा हो सकती है ) आ सकता है| इसलिए हमेशा एक्सरसाइज से पहले वार्मअप करना चाहिए|

5) चोट :-  चोटिल टिश्यू के कारण भी आपकी रेंज ऑफ मोशन प्रभावित होती है | अक्सर चोट के कारण आप मूवमेंट सही से नही कर पाते है|

फ्लेक्सिबिलिटी पुरे शरीर से सम्बंधित नही होती है यह जॉइंट टू जॉइंट स्पेसिफिक (specific) होती है | जिसका मतलब है एक किसी जॉइंट की फ्लेक्सिबिलिटी कम होगी और किसी की ज्यादा | किसी एक जॉइंट की फ्लेक्सिबिलिटी ज्यादा होने का मतलब यह नही है की दुसरे जॉइंट भी उतनी ही फ्लेक्सिबिलिटी होगी | 

 फ्लेक्सिबिलिटी के प्रकार :-

1) डायनैमिक फ्लेक्सिबिलिटी

2) स्टेटिक एक्टिव फ्लेक्सिबिलिटी

3) स्टेटिक पैसिव फ्लेक्सिबिलिटी 

अंग्रेजी में पढ़े नीचे 

यह भी पढ़े -  

how to calculate BMR

what is bmr


                                                                Flexibility

 Flexibility refers to the range of motion around a joint. This means how much a joint can move without causing damage to the surrounding tissue(Ligament, muscles, joint capsules etc.)

Flexibility of a joint depends on the extensibility (tensile capacity) and elasticity (the ability to return to its position after stretching or shrinking) of the surrounding organs and tissue.

Ø         5 factors that affect flexibility

 1) Age: - As age increases, the flexibility also decreases and the range of our movement also decreases.  If we are physically active, then the loss of flexibility can be reduced.  Because as our age increases, the elasticity and extensibility of our organs also decreases.

 2) Gender: - Women are more flexible than men.  However, a good properly designed training program (weight training and stretching) can increase the flexibility of both men and women.

 3) Activity: - People who do regular exercise have more flexibility, compared to those who do not exercise.

 4) Tissue temperature: - A change of temp temperature may cause a change (more or less) of 20% in range of motion.  So one should always warm up before exercise.

 5) Injury: - Due to the injured tissue, your range of motion is also affected.  Often you are unable to do the movement correctly due to injury.

Flexibility is not related to the whole body, it is joint to joint specific.  Which means one joint will have less flexibility and more than another.  Having more flexibility of one joint does not mean that other joints will have the same flexibility.

   Types of Flexibility: -

 1) Dynamic Flexibility

 2) Static Active Flexibility

 3) Static Passive Flexibility

read this too - 

what is bmr

how to calculate BMR


What is flexibility

Flexibility (फ्लेक्सिबिलिटी ) फ्लेक्सिबिलिटी किसी जॉइंट के आस –पास की रेंज ऑफ़ मोशन को कहते है| इसका मतलब यह है की कोई जॉइंट के आस-पास के ...

 

BEARDOOFITNESS © 2015 - Blogger Templates Designed by Templateism.com, Plugins By MyBloggerLab.com