Monday, September 28, 2020

 

हाई ब्लड प्रेशर, लक्षण, कारण (high blood pressure in hindi)

  

(हाई ब्लड प्रेशर के कारण, लक्षण व इसके उपचार )

नमस्कार दोस्तों, हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure) की समस्या आजकल आम होती जा रही है| आजकल के दौर में  यह समस्या काफी लोगो को हो रही है तो क्यों होती है| यह प्रॉब्लम क्या है,क्या है इसके कारण और लक्ष्ण जानेंगे इस आर्टिकल में|

हाई ब्लड प्रेशर, लक्षण, कारण


क्या है हाई ब्लड प्रेशर

हाई ब्लड प्रेशर होने  के कारण

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण

ब्लड प्रेशर की नार्मल रेंज क्या होनी चाहिए


क्या है हाई ब्लड प्रेशर

सामान्य भाषा में जब हमारे आर्टरी (धमनियों ) में रक्त (खून) के प्रवाह की गति बढ़ जाती है तो उसे हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्तचाप कहा जाता है | आमतौर पर हमारा ब्लड प्रेशर नार्मल होता है जब यह नार्मल से उपर चला जाता है तो ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड प्रेशर होता है| हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन भी कहा जाता है|

यह एक जीवनशैली (लाइफ स्टाइल) से जुडी बीमारी (समस्या) है|इसमें हमारी धमनियों पर दबाव बढ़ जाता है|

 यह भी पढ़े - स्ट्रेचिंग के फायदे 

हाई ब्लड प्रेशर होने के कारण

हाई ब्लड प्रेशर के कई सारे कारण है

मोटापा

हाई ब्लड प्रेशर, लक्षण, कारण


मोटापा एक ऐसा कारण है जिससे हमें कई सारी समस्याए होती है, जिसमे से हाइपरटेंशन एक है| जब हमारे शरीर का वजन ज्यादा होता है तो पुरे शरीर में नुट्रीएंट व ऑक्सीजन की सप्लाई (आपूर्ति) करने के लिए हार्ट को अधिक काम करना पड़ता है| जिससे हार्ट अधिक ब्लड पंप करता है, जिसके कारण धमनियो पर प्रेशर (दबाव ) ज्यादा पड़ता है|

कोलेस्ट्रोल ज्यादा होना

शरीर में कोलेस्ट्रोल लेवल ज्यादा होने से भी हाइपरटेंशन की प्रॉब्लम होती है क्योकि एलडीएल (LDL) कोलेस्ट्रोल हमारे शरीर की धमनियों में चिपकता है जिससे धमनिया मोटी हो जाती है और ब्लड का सर्कुलेशन सही से नही होता हैजिससे आर्टरीज पर दबाव पड़ता है

डाइट में सोडियम ज्यादा होना

सोडियम का सेवन ज्यादा करने से भी ब्लड प्रेशर बढ़ता है| सोडियम के ज्यादा सेवन से शरीर में सोडियम और पोटेशियम के लेवल में संतुलन बिगड़ जाता है| इसलिए खाने में नमक और सोडियम कार्बोनेट पेय पदार्थो (drinks) का सेवन कम करना चाहिए|

फिजिकली एक्टिव न होना

अच्छी सेहत के लिये हर किसी को फिजिकली एक्टिव रहना बहुत जरुरी है| एक्सरसाइज करना डेली लाइफ का हिस्सा होना चाहिए| अगर कोई व्यक्ति फिजिकली एक्टिव नही रहता है तो उसको हाइपरटेंशन होने का खतरा बढ़ जाता है

धूमपान ज्यादा करना

हाई ब्लड प्रेशर, लक्षण, कारण


धूमपान ज्यादा करने वाले लोगो में हाइपरटेंशन होने का खतरा ज्यादा होता है| धुम्रपान करने से कुछ समय के लिए ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और ऐसा लम्बे समय तक करने से आगे जाकर यह समस्या होने की सम्भावना बढ़ जाती है|

 

मानसिक तनाव

मेन्टल स्ट्रेस (मानसिक तनाव) से भी हाई ब्लड प्रेशर होने का खतरा होता है, आजकल के दौर में मानसिक तनाव के कारण कई सारी बीमारिया होती है जिसमे से हाइपरटेंशन भी एक है|

आनुवंशिकता (जेनेटिक्स होना)

कभी कभी जेनेटिक्स से भी हाई ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम होने की सम्भावना होती है| जब हमारे परिवार में पहले से किसी को यह समस्या होती है तो जेनेटिक्स के कारण हमें भी होने की सम्भावना बढ़ जाती है लेकिन जरुरी नही है की हमें हो, फिर भी सचेत रहे|

यह भी पढ़े - प्रोटीन खाना क्यों जरुरी है  

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण

हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी सबसे ख़तरनाक बात यह है कि अगर हमें यह प्रॉब्लम है तो भी इसके लक्षण नजर नही आते है इसके लिए इस बीमारी का पता रेगुलर हेल्थ चेक-उप करवाते रहे|

ऐसा कहा जाता है अगर ये परेशानियां हों तो इसे लक्षण समझकर फ़ौरन जांच करवानी चाहिए:

·         सिरदर्द

·         थकान

·         देखने में परेशानी

·         सांस लेने में तकलीफ़

·         अनियमित धड़कन

·         छाती, गर्दन या कानों में फुंसियां

·         सीने में दर्द

·         नकसीर (नाक से ख़ून बहना)

ब्लड प्रेशर की नार्मल रेंज क्या होनी चाहिए

मेडिकल एक्सपर्ट्स (विशेषज्ञ) के अनुसार ब्लड प्रेशर की नार्मल रेंज 80-120 mmhg होनी चाहिए| यह रेंज नार्मल मणि जाती है|

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डिस्क्लेमर – यहाँ पर दी गयी जानकारी किसी भी प्रकार का इलाज नही है यह सिर्फ जानकारी के लिए है| इसका किसी भी प्रकार की इलाज के लिए उपयोग करने पर लेखक की ज़िम्मेदारी नही होगी| किसी भी प्रकार की प्रॉब्लम के समाधान  के लिए डॉक्टर या स्पेस्लिस्ट से सलाह ले|

 

 

 

 

 

 

हाई ब्लड प्रेशर, लक्षण, कारण

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Friday, September 25, 2020

 

अनिंद्रा - नींद न आने का कारण /उपाय

 

अनिंद्रा रात को सही से नींद नही आना (raat ko nind nhi aane ke karan or uske upay)

दोस्तों क्या आप भी दिनभर की थकान के बाद सो नही पाते है, क्या आपको भी रात को नींद नही आती है| दोस्तों रात को नींद नही आने कई सारे कारण होते है|

इस आर्टिकल में , मैं अनिंद्रा नींद न आने के कारण व उसके क्या उपाय है उसके बारे में बताऊंगा लेकिन इससे पहले यह जान लेते है की अनिंद्रा क्या होती है और इसके लक्षण क्या है|

रात को नींद न आने के कारण / उपाय


अनिंद्रा क्या होती है क्या है

अनिंद्रा का मतलब होता है रात को अच्छे से सोने में मुश्किल होना या रात भर नींद नही आना |

अगर आप भी अनिंद्रा (नींद) की समस्या से परेशान है तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़े क्योकि इस आर्टिकल को पूरा पढने के बाद अगर इन सभी का ध्यान रखेंगे तो आपकी यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी|

 यह भी पढ़े - एक्सरसाइज करने से पहले ये चीजे खाए 

अनिंद्रा के लक्षण

  •         दिन के वक्त थकान महसूस करना या दिन के वक्त नींद आना
  •         सुबह उठने के बाद तरोताजा महसूस न करना
  •         रात को बार बार जागना फिर यूज़ बाद नींद आने में परेशानी
  •         रात को लेट नींद आना 

 

नींद न आने के कारण

ऐसे बहुत सारे कारण होते है जिनके वजह से नींद नही आने की समस्या का सामना करना पड़ता है

जीवनशेली

कभी कभी हमारी जीवनशेली ऐसी होती है की जिसके कारन हमें नींद की समस्या का सामना करना पड़ता है जैसे की ऑफिस का टाइम रात को देर तक होना, या काम करने की शिफ्ट का बार बार चेंज होना, या फिर रात को ट्रेवल करना हमारी जिन्दगी का हिस्सा हो आदि|

रात को नींद न आने के कारण / उपाय


रात को गेजेट्स का उपयोग ज्यादा होना

आजकल के दौर में नींद नही आने का सबसेबड़ा कारण है आजकल हर कोई रात को देर तक  मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर, टीवी आदि का उस्प्योग करता है| इन सभी का देर रात तक इस्तेमाल करने  के कारण हमारी सिर्कार्दियन रिदम बिगड़ जाती है जिससे नींद नही आने की समस्या होती है|

कैफीन का अधिक मात्रा में सेवन करना

कैफीन का ज्यादा उपयोग करने से भी नही हमें नींद नही आती है क्योकि कैफीन हमारे शरीर में अद्रेंलिन होर्मोन को उतेजित करता है जो की एक स्ट्रेस और उतेजक होर्मोन है जबकि हमें नींद के लियें शांत (calming) होर्मोन मेलाटोनिन होर्मोन की जरुरत है|

 

शरीर में कोई स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या होना

अक्सर शरीर में स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याए जैसे मधुमेह, ब्लड प्रेशर की समस्या, किसी वजह से लगी चोट के दर्द, बुखार, सर्दी-जुखाम आदि के कारण भी हमें नींद आने में समस्या होती है|

 

रात के  वक्त गेजेट्स  पर ज्यादा काम करना

रात के वक्त गेजेट्स पर ज्यादा काम करने से भी नींद नही आने की समस्या होती है, क्योकि जब हम देर रात  तक गेजेट्स पर काम करते है तो हमारी आँखों से गेजेट्स की लाइट के कारण ब्रेन (दिमाग) को सन्देश ऐसा सन्देश जाता है जिससे नींद को लाने वाले होर्मोन अच्तिवाते नही हो पते है|

 जाने क्यों जरुरी है प्रोटीन 

ज्यादा चिंता करना या तनाव (स्ट्रेस)

ज्यादा स्ट्रेस लेने या चिंता करने से हमारी बॉडी रिलेक्स नही हो पाती है जिससे नींद नही आने की समस्या होती है क्योकि नींद आने के लिए हमारा दिमाग एक दम रिलेक्स चाहिए| इसलिए  हमेशा तनाव से दूर रहे

 

रात को नींद न आने के कारण / उपाय

उपचार

लोगो को नींद नही आने की समस्या (अनिंद्रा) होती है तो लोग नींद लाने के लिए दवाईयों का इस्तेमाल करना चालू कर देते है लेकिन आप ऐसा ना करे सिर्फ कुछ बातो पर ध्यान देकर भी हम अपनी नींद न आने की समस्या को सही कर सकते है|  अगर हा  समस्या कुछ ज्यादा हो तो डॉक्टर की सलाह ले| 

व्यायाम करे

व्यायाम करना हमारे शरीर के लिए जरुरी है| व्यायाम की वजह से आपको थकान होगी जिससे आपको जल्दी और अच्छी नींद आएगी|   

 

रात को हल्का भोजन करे

रात को हल्का भोजन करने से बॉडी को भोजन पचाने में ज्यादा समस्या नही होती है  जिससे पाचन जल्दी हो जाता है और हमे जल्दी से नींद आने लगती है| 

 

सोते से एक घंटे पहले मोबाइल टीवी न देखे

 रात को देर रात टीवी न देखे, रात को ज्यादा टीवी देखने से हमारा ब्रेन अलर्ट हो जाता है और जिससे दिमाग काम करता ही रहता है| ब्रेन के अलर्ट रहने से शरीर में स्लीप होर्मोन जल्दी से नही बन पाते है| सही से सोने के लिए शरीर में स्लीप होर्मोन बनना जरुरी है|

 

रात को स्लो वाक पे जाए

रात को जल्दी डिनर करने के बीस मिनट बाद  स्लो वाक पर जाये से स्ट्रेस होर्मोन cortisole का असर कम होता है जिससे भी हमें अच्छी नींद आने से मदद मिलती है

 

रात को नींद न आने के कारण / उपाय

सोने से पहले हल्दी वाला दूध पिये

हल्दी वाला दूध पीने से शरीर में स्लीप होर्मोन मेलाटोनिन अच्छे से बनता है, जिससे हमें अच्छे से नींद आती है|  रात को हल्दी वाला दूध नींद से अलावा हमें कई फायदे भी देता है|

स्ट्रेस कम करे

कई बार लोगो को स्ट्रेस की वजह से नींद नही आती है अगर आप स्ट्रेस कम करे तो आपको  अच्छी नींद आने में काफी मदद मिलती है

लेखन करे 

लेखन करने से आपने दिमाग में जो भी उलझने कम हो जाती है दिमद या मन हल्का हो जाता है जिससे हमें जल्दी  नींद  आने में मदद मिलती है|

धन्यवाद

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यह भी पढ़े 

स्ट्रेचिंग के फायदे 

 

 

 

रात को नींद न आने के कारण / उपाय

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Tuesday, September 22, 2020

 

 Benefits of stretching exercises, its type

स्ट्रेचिंग के फायदे ,उसके प्रकार (stretching ke fayde aur uske prakar) 

एक्सरसाइज करने वाले, बहुत सारे लोग ये एक गलती हमेशा करते है कि वे एक्सरसाइज करने के बाद स्ट्रेचिंग नही करते है| जिसके कारण उन्हें कई समस्याओ का सामना करना पड़ता है , जैसे – मसल्स में सोरनेस, रिकवरी सही से नही हो पाती है, मसल्स का स्टिफ हो जाना, मसल्स की रेंज ऑफ़ मोशन का कम हो जाना आदि ऐसी बहुत सारी समस्याए झेलनी पड़ती है जो की हमारे शरीर के लिए अच्छी नही है|  

स्ट्रेचिंग के फायदे और उसके प्रकार( Benefits of stretching exercises and its type)




अगर आप एक्सरसाइज के बाद सही से स्ट्रेचिंग करते है तो आपको यह सभी प्रॉब्लम (समस्याएं) नही होगी और साथ में कई और फायदे भी मिलते है|

तो आज में आपकी इस आर्टिकल में आपको स्ट्रेचिंग के फायदे के बारे में बताऊंगा| और इसके साथ ही उसके प्रकार और आपको एक्सरसाइज के बाद कौनसी प्रकार की स्ट्रेचिंग करनी है, वो भी बताऊंगा|

तो चलिए अब बात करते है, स्ट्रेचिंग के क्या फायदे है| 

फ्लेक्सिबिलिटी बढती है

रोज 10 मिनट स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से हमारे मसल्स की और शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी (लचीलापन ) बढती है|

रेंज ऑफ़ मोशन बढ़ता है |

स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से फ्लेक्सिबिलिटी बढती है और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ने से मसल्स के मूवमेंट का रन गे ऑफ़ मोशन भी बढ़ जाता है|

स्ट्रेचिंग के फायदे और उसके प्रकार( Benefits of stretching exercises and its type)

स्ट्रेस कम करने में  मदद मिलती है|

जब हम स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करते है तो हमारी बॉडी में एंडोर्फिन रिलीज़ होते है  जो बॉडी में स्ट्रेस को कम करने में मदद करते है|

चोट (इंजरी) जल्दी रिकवर करने में मदद मिलती है|

स्ट्रेचिंग करने से मसल्स रिलेक्स हो जाते है जिससे जरुरी पोषक तत्व सेल्स और टिश्यू तक सही से पहुँचते है जिससे चोट के जल्दी रिकवर होने के चांसेस बढ़ जाते है|

ब्लड फ्लो बढ़ जाता है

स्ट्रेचिंग करने से मसल्स रिलेक्स हो जाते है जिससे मसल्स और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन भी बढता है|

स्लीप क्वालिटी improve होती है

स्ट्रेचिंग करने से बॉडी रिलेक्स हो जाती है और हमारा दिमाग (brain)  स्ट्रेस फ्री महसूस करता है जिससे हमें नींद भी अच्छे से आती है|

यह भी पढ़े - चार मिनट के वर्कआउट से चर्बी कम करे 

स्ट्रेचिंग के प्रकार

स्ट्रेचिंग के विभिन्न प्रकार है

बैलेस्टिक स्ट्रेचिंग

डायनेमिक स्ट्रेचिंग

एक्टिव स्ट्रेचिंग

पैसिव स्ट्रेचिंग

स्टेटिक स्ट्रेचिंग

आइसोमेट्रिक स्ट्रेचिंग

पी. एन. एफ. स्ट्रेचिंग

ये सभी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइजेज के प्रकार है |

स्ट्रेचिंग के फायदे और उसके प्रकार( Benefits of stretching exercises and its type)


एक्सरसाइज करने के बाद आप इन सभी में से एक्टिव स्ट्रेचिंग व पैसिव स्ट्रेचिंग टाइप की स्ट्रेचिंग कर सकते है|  

एक्टिव स्ट्रेचिंग  

एक्टिव स्ट्रेचिंग को स्टेटिक एक्टिव स्ट्रेचिंग भी कहते है|  इस प्रकार की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइजेज में स्ट्रेच की किसी एक पोजीशन में आकर उसको होल्ड करने के लिए बाहर से सपोर्ट नही लेते है | इसमें मसल्स की ताकतसे ही स्ट्रेच की पोजीशन को होल्ड करना होता है|

पैसिव स्ट्रेचिंग 

पैसिव स्ट्रेचिंग को रिलैक्स्ड स्ट्रेचिंग और स्टेटिक पैसिव भी कहते है|  इस प्रकार की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइजेज में स्ट्रेच की किसी एक पोजीशन में आकर उसको होल्ड करने के लिए सपोर्ट लिया जाता है | सपोर्ट आप खुद से भी कर सकते है और सपोर्ट के लिए किसी और की भी मदद ले सकते है|

यहाँ पर में एक बात बताना चाहूँगा कि किसी चोटिल (इंजर्ड) मसल्स को को स्ट्रेच करने से पहले डॉक्टर या फिजियो की सलाह या परमीशन (अनुमति) जरुर ले|

धन्यवाद 

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स्ट्रेचिंग के फायदे /उसके प्रकार

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Friday, September 18, 2020

 WHAT IS MORE IMPORTANT DIET OR EXERCISE FOR FAT LOSS

(वजन कम करने के लिए क्या जरूरी है डाइट या एक्सरसाइज)

Vajan kam karne ke liye kya jaruri hai diet ya exercise

क्या आप जानते ही कि फिट रहने के लिए क्या जरूरी है, डाइट या एक्सरसाइज? अगर नही जानते है तो पढ़िए यह आर्टिकल क्योकि यह पढने के बाद आपको यह मालूम पढ़ जायेगा, की फिट रहने या मसल्स बनाने और वजन कम करने के लिए डाइट और एक्सरसाइज इन दोनों में से क्या जरुरी है|

ज्यादा क्या जरूरी है, डाइट या एक्सरसाइज या दोनों की एक समान जरुरी है?

जब बात डाइट और एक्सरसाइज की आती है तो सबके सामने एक सामान्य सवाल आता है, की कितना प्रतिशत डाइट काम करती है, और कितना प्रतिशत एक्सरसाइज काम करती है|

मुझे यकीन है आपने यह  तो जरुर सुना होगा, की 80% डाइट और 20% एक्सरसाइज काम करती  है,चाहे आपको वजन कम करना हो या वजन बढ़ाना हो, या किसी भी प्रकार के फिटनेस के लक्ष्य को हासिल करने हो|

तो में यहाँ आपको बता देता हूँ कि एक्सरसाइज और डाइट दोनों में से क्या जरूरी है और कौन कितना प्रतिशत काम करता है |

WHAT IS MORE IMPORTANT DIET OR EXERCISE FOR FAT LOSS


देखिये हमें फिट और हेल्थी रहने के लिए या वजन कम करना हो या वजन बढ़ाना हो सभी के लिए डाइट और एक्सरसाइज दोनों जरुरी है और दोनों की एक समान काम करती है| डाइट और एक्सरसाइज दोनों का ही 100% होना चाहिए| और उसके साथ आपकी नींद भी अच्छी होनी चाहिये| तभी हमें अच्छे और बेहतर परिणाम मिलते है|

क्योकि सिर्फ एक्सरसाइज करके आप वजन कम या बढ़ा नही सकते है और ना ही सिर्फ डाइट करके वजन कम या बढ़ा नही सकते है |

मान लो की आपका लक्ष्य  वजन कम करना तो उसके लिए आपको नेगेटिव एनर्जी बैलेंस बनाना पड़ता है मतलब कैलोरी डेफिसिट (कैलोरी कम करना) करना पड़ता है|  

जिसको करने के आपको एक्सरसाइज और डाइट दोनों की जरूरत पड़ती है|  में आपको उदहारण के माध्यम से  समझाता हूँ|

WHAT IS MORE IMPORTANT DIET OR EXERCISE FOR FAT LOSS

photo by pixabay 

सिर्फ चार मिनट एक्सरसाइज करने से होगा वजन कम 

1 पौंड फैट के वजन में 3500 कैलोरी होती है|

अगर आपको एक हफ्ते में आधा किलो वजन कम करना है तो दिन में आपको 500 कैलोरी बर्न करनी पड़ेगी|  जो की सिर्फ एक्सरसाइज से मुश्किल है| इसके लिए, व्यायाम करने के साथ, कैलोरी की भी गणना करके, हम आहार के माध्यम से भी कैलोरी को कम करते हैं और एक नकारात्मक एनर्जी संतुलन बनाते हैं|

अब यह जान लेते है कि एक्सरसाइज से क्या होता है और डाइट से क्या होता है

एक्सरसाइज से क्या होता है, क्यों जरुरी है  

जब हम एक्सरसाइज करते है तो हमारी बॉडी एनर्जी यूज़ करती है  जिससे  कैलोरीज बर्न होती है चाहे कार्डियो करे या वेट ट्रेनिंग करे दोनों में कैलोरीज बर्न होती है|

लेकिन एक्सरसाइज करने से हमारे शरीर के मसल्स के टूट फूट (ब्रेकडाउन) भी होती है| एक्सरसाइज न्यूट्रीशन को सपोर्ट करती है|

डाइट से क्या होता है, क्यों जरुरी है|

एक्सरसाइज करने से जो मसल्स में जो टूट फूट होती है उसकी मरम्मत करने के लिए हमें न्यूट्रीशन की जरुरत पड़ती है| अच्छी गुणवत्ता की और सही मात्रा में   प्रोटीन फैट  विटामिन मिनरल की जरुरत होती है , जो हम अच्छे से प्लान किये गये डाइट प्लान से आराम से संभव है|


WHAT IS MORE IMPORTANT DIET OR EXERCISE FOR FAT LOSS

photo by pixabay

इसलिए डाइट और एक्सरसाइज दोनों में से कोई भी एक ज्यादा महत्वपूर्ण नही है| दोनों की अपनी अपनी अहमियत है,दोनों एक दुसरे के पूरक है| किसी भी फिटनेस प्रोग्राम के अच्छे परिणाम के लिए दोनों का ही होना जरुरी है| 

यह भी पढ़े :- एक्सरसाइज से बाद क्या खाए

अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो शेयर जरुर करे और नीचे कमेंट करे| 

WHAT IS MORE IMPORTANT DIET / EXERCISE

  WHAT IS MORE IMPORTANT DIET OR EXERCISE FOR FAT LOSS (वजन कम करने के लिए क्या जरूरी है डाइट या एक्सरसाइज) Vajan kam karne ke liye kya ...

Monday, September 14, 2020

 

Importance of water in Hindi

(पानी का महत्व हिंदी में)

पानी का महत्व हिंदी में (pani ka mahtv hindi me)  

नमस्कार दोस्तों फिट रहने के लिए पानी उतना ही जरुरी है जितना की एक्सरसाइज और अच्छी डाइट की जरुरत होती है| इन्सान के शरीर में लगभग 65 से 70% वाटर होता है| तो आज मैं आपको पानी के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारिया बताऊंगा जो है -

  1. पानी हमारे शरीर के लिए क्यों जरुरी है
  2. हमारे शरीर में पानी के क्या फंक्शन है
  3. बॉडी में पानी (वाटर) लोस कैसे होता है|
  4. अगर बॉडी को सही तरह से हाइड्रेट रखे तो तो क्या फायदे होते है|
  5. कितना पानी पीना चाहिए 

इस आर्टिकल में, मैं आपको ऊपर के इन सब बिन्दु (पॉइंट) की विस्तृत जानकारी दूंगा लेकिन इससे पहले यह जान लेते है कि

पानी शरीर में कहा कहा वितरित होता है  

पानी शरीर के दो द्रव कम्पार्टमेंट्स में वितरित होता है,  पहला है इंट्रासेल्युलर वाटर  (intracellular) जो की सेल्स के अन्दर  होता है, दूसरा होता है एक्स्ट्रासेल्युलर वाटर  (extracellular) जो की सेल्स के बाहर होता है|

Importance of water in Hindi (पानी का महत्व हिंदी में)


पानी हमारे शरीर के लिए क्यों जरुरी है

पानी किसी व्यक्ति के शरीर के वजन का 40 से 70% हिस्सा बनाता है, जो उम्र, लिंग और शरीर की संरचना पर निर्भर करता है|

पानी शरीर के हर एक सेल में मौजूद होता है|  एक्टिव मसल्स टिश्यू में सबसे अधिक (75%) पानी की मात्रा होती है जबकि अडिपोस टिश्यू में केवल 10 से 15% ही पानी होता है|  

यह भी जाने - इन कारणों से प्रोटीन खाना जरुरी है 

पानी हमारे शरीर के इन कार्यो के लिए जरुरी है

  •         पानी हमारे शरीर में न्युत्रिएन्त के ट्रांसपोर्टेशन की लिए जरुरी है|
  •         शरीर में होने वाली केमिकल रिएक्शन के लिए|
  •         सेल्स के  और सेल्स के बीच लुब्रीकेशनके लिए|
  •        शरीर के तापमान के रेगुलेशन के लिए|
  •         प्रोटीन, लिपिड, और ग्लाइकोजन के स्ट्रक्चर को मेन्टेन रखने के लिए|
  •         ब्लड के वॉल्यूम को मेन्टेन रखने के लिए

तो आप अभी समझ सकते है कि पानी हमारे शरीर के लिए कितना जरुरी है|

हमारे शरीर में पानी के क्या फंक्शन है

पानी एक सर्वव्यापी उल्लेखनीय पोषक तत्व है। यह जीवन के लिए आवश्यक है।

  •         न्यूट्रीएंट को ट्रांसपोर्ट करना
  •         शरीर में होने वाली केमिकल रिएक्शन के लिए विलायक का काम करना |
  •         सेल्स के  और सेल्स के बीच लुब्रीकेशनके लिए|
  •         शरीर के तापमान को रेगुलेट करना|
  •         प्रोटीन, लिपिड, और ग्लाइकोजन के स्ट्रक्चर को मेन्टेन रखना|
  •         ब्लड के वॉल्यूम को मेन्टेन रखना
  •         शरीर के वेस्ट मटिरिअल को यूरिन और मॉल के जरिये बाहर निकालने में मदद करना|

बॉडी में पानी (वाटर) लोस कैसे होता है|

पानी का लोस शरीर की चार तरीके से होता है

1) यूरिन (मूत्र) से

सबसे ज्यादा पानी हमारे शरीर से यूरिन के रूप बाहर निकलता है जिसमे कई सारे वेस्ट प्रोडक्ट होते है|

2) स्किन से

हमारी बॉडी की स्किन से भी पानी शरीर से बहार निकलता है| जब हमें पसीना होता है तो पसीने के रूप में पानी शरीर से बाहर निकल जाता है|

3) हवा में जल वाष्प के रूप में

जब हम बात करते है तो पानी की  कुछ ड्रोप्लेट्स जल वाष्प के रूप में वाटर लोस होता है| हवा में जल वाष्प के रूप में दिन भर में हम 250 से 350 ml डेली वाटर लोस होता है

4) मल से 

हमारे शरीर में मल से भी पानी का लोस होता है क्योकि पानी लगभग 70% मॉल सम्बन्धी पदार्थ का गठन करता है हमारी आंतो में | दिनभर में मल से लगभग 100 से 200ml पानी का  लोस होता है|

Importance of water in Hindi (पानी का महत्व हिंदी में)


अगर बॉडी को सही तरह से हाइड्रेट रखे तो तो क्या फायदे होते है|

  • ·        बॉडी के सही तरह से हाइड्रेट रहने से निम्न फायदे होते है
  •         एक्सरसाइज के दौरान हृदय गति में वृद्धि नियंत्रण कण्ट्रोल में रहती है
  •         शरीर के कोर और एक्सरसाइज में काम करने वाले मसल्स के तापमान में बढ़ोतरी नियंत्रण में रहती है
  •         बेहतर हाइड्रेशन से कार्डियक स्ट्रोक वॉल्यूम और कार्डियक आउटपुट में सुधार आता है|
  •         बेहतर हाइड्रेशन त्वचा के रक्त प्रवाह में सुधार आता है|
  •         एक्सरसाइज के दौरान रक्त की वॉल्यूम का बेहतर रखरखाव (मेंटेनेंस)
  •         एक्सरसाइज की परफॉरमेंस में सुधार आता है और एक्सरसाइज के दौरान मसल्स में खिंचाव (क्रेम्प्स) नही आते है|
  •         मेटाबोलिज्म बढ़ता है जिससे फैट लोस में भी मदद मिलती है|

तो आप देख सकते है की एक्सरसाइज करने वालो को और किसी को भी बेहतर हाइड्रेशन के कितने सारे मिलते है|

इन टिप्स से बढ़ाये अपना वजन 

कितना पानी पीना चाहिए 

हर किसी को जितना हो सके ज्यादा पानी पीना चाहिए| प्यास लगने का इंतज़ार नही करना चाहिए|  अगर आप ज्यादा पानी न पी पाए तो कम से कम  8 गिलास (2 लीटर)   पानी तो पुरे दिन में पानी ही चाहिए| बेहतर हाइड्रेशन के लिए इतना पानी जरुरी है|

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धन्यवाद


 

 

 

 

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