Tuesday, September 22, 2020

स्ट्रेचिंग के फायदे /उसके प्रकार

 

 Benefits of stretching exercises, its type

स्ट्रेचिंग के फायदे ,उसके प्रकार (stretching ke fayde aur uske prakar) 

एक्सरसाइज करने वाले, बहुत सारे लोग ये एक गलती हमेशा करते है कि वे एक्सरसाइज करने के बाद स्ट्रेचिंग नही करते है| जिसके कारण उन्हें कई समस्याओ का सामना करना पड़ता है , जैसे – मसल्स में सोरनेस, रिकवरी सही से नही हो पाती है, मसल्स का स्टिफ हो जाना, मसल्स की रेंज ऑफ़ मोशन का कम हो जाना आदि ऐसी बहुत सारी समस्याए झेलनी पड़ती है जो की हमारे शरीर के लिए अच्छी नही है|  

स्ट्रेचिंग के फायदे और उसके प्रकार( Benefits of stretching exercises and its type)




अगर आप एक्सरसाइज के बाद सही से स्ट्रेचिंग करते है तो आपको यह सभी प्रॉब्लम (समस्याएं) नही होगी और साथ में कई और फायदे भी मिलते है|

तो आज में आपकी इस आर्टिकल में आपको स्ट्रेचिंग के फायदे के बारे में बताऊंगा| और इसके साथ ही उसके प्रकार और आपको एक्सरसाइज के बाद कौनसी प्रकार की स्ट्रेचिंग करनी है, वो भी बताऊंगा|

तो चलिए अब बात करते है, स्ट्रेचिंग के क्या फायदे है| 

फ्लेक्सिबिलिटी बढती है

रोज 10 मिनट स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से हमारे मसल्स की और शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी (लचीलापन ) बढती है|

रेंज ऑफ़ मोशन बढ़ता है |

स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से फ्लेक्सिबिलिटी बढती है और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ने से मसल्स के मूवमेंट का रन गे ऑफ़ मोशन भी बढ़ जाता है|

स्ट्रेचिंग के फायदे और उसके प्रकार( Benefits of stretching exercises and its type)

स्ट्रेस कम करने में  मदद मिलती है|

जब हम स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करते है तो हमारी बॉडी में एंडोर्फिन रिलीज़ होते है  जो बॉडी में स्ट्रेस को कम करने में मदद करते है|

चोट (इंजरी) जल्दी रिकवर करने में मदद मिलती है|

स्ट्रेचिंग करने से मसल्स रिलेक्स हो जाते है जिससे जरुरी पोषक तत्व सेल्स और टिश्यू तक सही से पहुँचते है जिससे चोट के जल्दी रिकवर होने के चांसेस बढ़ जाते है|

ब्लड फ्लो बढ़ जाता है

स्ट्रेचिंग करने से मसल्स रिलेक्स हो जाते है जिससे मसल्स और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन भी बढता है|

स्लीप क्वालिटी improve होती है

स्ट्रेचिंग करने से बॉडी रिलेक्स हो जाती है और हमारा दिमाग (brain)  स्ट्रेस फ्री महसूस करता है जिससे हमें नींद भी अच्छे से आती है|

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स्ट्रेचिंग के प्रकार

स्ट्रेचिंग के विभिन्न प्रकार है

बैलेस्टिक स्ट्रेचिंग

डायनेमिक स्ट्रेचिंग

एक्टिव स्ट्रेचिंग

पैसिव स्ट्रेचिंग

स्टेटिक स्ट्रेचिंग

आइसोमेट्रिक स्ट्रेचिंग

पी. एन. एफ. स्ट्रेचिंग

ये सभी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइजेज के प्रकार है |

स्ट्रेचिंग के फायदे और उसके प्रकार( Benefits of stretching exercises and its type)


एक्सरसाइज करने के बाद आप इन सभी में से एक्टिव स्ट्रेचिंग व पैसिव स्ट्रेचिंग टाइप की स्ट्रेचिंग कर सकते है|  

एक्टिव स्ट्रेचिंग  

एक्टिव स्ट्रेचिंग को स्टेटिक एक्टिव स्ट्रेचिंग भी कहते है|  इस प्रकार की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइजेज में स्ट्रेच की किसी एक पोजीशन में आकर उसको होल्ड करने के लिए बाहर से सपोर्ट नही लेते है | इसमें मसल्स की ताकतसे ही स्ट्रेच की पोजीशन को होल्ड करना होता है|

पैसिव स्ट्रेचिंग 

पैसिव स्ट्रेचिंग को रिलैक्स्ड स्ट्रेचिंग और स्टेटिक पैसिव भी कहते है|  इस प्रकार की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइजेज में स्ट्रेच की किसी एक पोजीशन में आकर उसको होल्ड करने के लिए सपोर्ट लिया जाता है | सपोर्ट आप खुद से भी कर सकते है और सपोर्ट के लिए किसी और की भी मदद ले सकते है|

यहाँ पर में एक बात बताना चाहूँगा कि किसी चोटिल (इंजर्ड) मसल्स को को स्ट्रेच करने से पहले डॉक्टर या फिजियो की सलाह या परमीशन (अनुमति) जरुर ले|

धन्यवाद 

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BEARDOO LOVR

Author & Editor

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