Sunday, November 8, 2020

फिजिकल फिटनेस इन हिंदी | physical fitness in hindi | fitness meaning in hindi

फिजिकल फिटनेस इन हिंदी | physical fitness in hindi | fitness meaning in hindi

क्या सिक्स पैक अब्स होना ही फिटनेस है?

अक्सर लोग अच्छी बॉडी और सिक्स पैक अब्स और स्लिम बॉडी देखकर बोलते है की वाह!   यह तो कितना फिट है| लेकिन ऐसा नही है क्योकि फिटनेस शब्द का मतलब सिर्फ यह नही नही की हमारी बॉडी अच्छी स्लिम और सिक्स पैक वाली हो|

फिटनेस के पांच कॉम्पोनेन्ट होते है और फिटनेस को पाने के लिए आपको फिटनेस के उन पांचो कॉम्पोनेन्ट पर काम करना पड़ेगा|

फिजिकल फिटनेस इन हिंदी | physical fitness in hindi | fitness meaning in hindi


तो इस आर्टिकल में आप मैं आपको बताने वाला हूँ फिटनेस के सही मतलब के बारे में और उनके कॉम्पोनेन्ट के बारे में साथ ही यह भी बताऊंगा की फिटनेस के पांचो कॉम्पोनेन्ट पर कैसे काम करना है ताकि आप फिट रह सको|


फिटनेस का सही मतलब

फिटनेस शब्द का मतलब अपने आप में अनोखा है| फिटनेस  और फिट होने का मतलब यह है की आप अपने दिनचर्या के काम बिना थके कर पाये| ये होता है फिटनेस का सही और सटीक मतलब|  अच्छी बॉडी होना सिर्क एक पार्ट है फिटनेस है|

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फिटनेस के कॉम्पोनेन्ट

फिटनेस के बेसिक पांच कॉम्पोनेन्ट होते है| जिनको हम विस्तृत से समझेंगे और उन पर कैसे काम करना है|

1) कार्डियोवैस्कुलर एंड्यूरेन्स (cardiovascular endurance)

2) मस्कुलर एंड्यूरेन्स (muscular endurance)

3) म्स्कुलोस्केलेटल स्ट्रेंथ  (musculoskeletal strength)

4) फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility)

5) आइडियल बॉडी कम्पोजीशन (ideal body composition)

कार्डियोवैस्कुलर एंड्यूरेन्स (cardiovascular endurance)

कार्डियोवैस्कुलर एंड्यूरेन्स का मतलब यह होता है आपके हार्ट और लंग्स के बिना थके काम करने की क्षमता| मतलब की जब भी आप कुछ भी काम करे तो आपके आपका हार्ट और लंग्स दोनों ही उस काम को करने के दौरान जल्दी न थके|

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कार्डियोवैस्कुलर एंड्यूरेन्स (cardiovascular endurance) को कैसे बढ़ाये (improve करे)

कार्डियोवैस्कुलर एंड्यूरेन्स को बढ़ाने के लिए आपको एरोबिक एक्सरसाइज करनी पड़ेगी| एरोबिक एक्सरसाइज  को करने से हमारे हार्ट और लंग्स की काम करने की क्षमता बढती है| और साथ ही फैट कम करने में भी मदद करती है|

एरोबिक एक्सरसाइज वे एक्सरसाइज होती है जिन्हें आप लम्बे समय तक करते है और ऑक्सीजन को मौजूदगी में करते है| अक्सर एरोबिक एक्सरसाइज को कार्डियो एक्सरसाइज भी खा जाता है|

एरोबिक एक्सरसाइज करने के लिए आप स्विमिंग, साइकिलिंग, जोगिंग, वाल्किंग आदि कर सकते है|

मस्कुलर एंड्यूरेन्स (muscular endurance)

मस्कुलर एंड्यूरेन्स (muscular endurance) का मतलब यह होता है की आपके मसल्स  की बिना थके लम्बे समय तक काम (work) करने की क्षमता|

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मस्कुलर एंड्यूरेन्स (muscular endurance) को कैसे बढ़ाये (improve करे)

मस्कुलर एंड्यूरेन्स (muscular endurance) को बढ़ाने के  लिए हमें एरोबिक एक्सरसाइज करनी होगी|

जब हम एरोबिक एक्सरसाइज करते है  तो हमारा कार्डियोवैस्कुलर endurance improve होने  के साथ मस्कुलर एंड्यूरेन्स (muscular endurance) भी improve होता है, लेकिन सर उनका ही जो मसल्स उस एक्सरसाइज में वर्क कर रहे है जैसे की जब आप जोगिंग कर रहे है तो उसमे सिर्फ लोअर बॉडी के मसल्स काम कर रहे है तो सिर्फ लोअर बॉडी के मसल्स का ही मस्कुलर एंड्यूरेन्स improve होगा|

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पुरे बॉडी का मस्कुलर एंड्यूरेन्स (muscular endurance) improve करने के लिए हमें क्रॉस ट्रेनिंग वाली एरोबिक एक्सरसाइज करनी पड़ेगी मतलब कि ऐसी एक्सरसाइज करनी पड़ेगी जिसमे अपर और लोअर बॉडी दोनों का यूज़ हो, जिसके लिए हम स्विमिंग क्रॉस ट्रेनिंग मशीन आदि का यूज़ कर सकते है|

म्स्कुलोस्केलेटल स्ट्रेंथ  (musculoskeletal strength)

म्स्कुलोस्केलेटल स्ट्रेंथ  (musculoskeletal strength) का मतलब यह है कि आपके शरीर के मसल्स के कितनी ताकत है | आपके मसल्स और बोन्स strong होने चाहिए क्योकि अगर हमारे बोन्स कमजोर है तो हमारा शरीर समय से पहले कमजोर हो जाता है, जिससे ओस्टियोआर्थराइटिस और स्पोंडिलोसिस जैसे प्रॉब्लम होने का खतरा बढ़ जाता है|

म्स्कुलोस्केलेटल स्ट्रेंथ  (musculoskeletal strength) को कैसे बढ़ाये  

म्स्कुलोस्केलेटल स्ट्रेंथ  (musculoskeletal strength) को बढ़ाने के लिए आपको स्ट्रेंथट्रेनिग करनी होगी| स्ट्रेंथ ट्रेनिंग/वेट ट्रेनिग हमारे मसल्स और बोन्स को strong बनाते है|

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खासकर कंपाउंड एक्सरसाइज बहुत ही फायदेमंद होती है| कंपाउंड एक्सरसाइज में  डेडलिफ्ट, स्कवेट, लंजेस, पुश प्रेस  आदि  इन सभी एक्सरसाइज को कर सकते है|

फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility)

फ्लेक्सिबिलिटी जॉइंट के आसपास के रेंज ऑफ मोशन को कहते कहते है| जिसका मतलब यह है की आपके मसल्स की इलास्टिसिटी कितनी है|

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फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility) अच्छी होना बहुत जरुरी है क्योकि आपके शरीर के आइडियल पोस्चर तभी मेन्टेन रहेगा जब आपकी फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility) अच्छी होगी|

फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility) को बढ़ाये कैसे करे (improve करे)

फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility) को improve करने के लिए हमें रेगुलर स्ट्रेचिंग करनी पड़ेगी और साथ ही आप योगासन भी कर सकते है| योगासन और रेगुलर स्ट्रेचिंग बहुत ही मदद करते है हमारी बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी की बढ़ाने में  

आइडियल बॉडी कम्पोजीशन (ideal body composition)

आइडियल बॉडी कम्पोजीशन (ideal body composition) का मतलब यह होता है कि आपके बॉडी के फैट और लीन मसल्स मास के आइडियल रेश्यो|

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पुरुष को आइडियल बॉडी कम्पोजीशन वाला व्यक्ति उस स्थिति में खा जाता है जब उसका बॉडी का फैट प्रतिशत (%) 15% से कम हो और स्त्री का 20 से 25 % के बीच में हो|

आइडियल बॉडी कम्पोजीशन (ideal body composition) पर कैसे काम करे

फिटनेस के सभी अन्य पहलुओ पर  सही काम करते हुए  ओत उन्हें बेहतर करने के लिए सही से पोषण (nutrition) पर ध्यान दिया जाये तो फिटनेस के इस कॉम्पोनेन्ट को प्राप्त किया जा सकता है|

इस प्रकार से अगर आप इन पांचो कंपोनेंट्स पर सही से काम करेंगे तो आप फिट रह सकते है|

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