Monday, November 2, 2020

स्कवैट एक्सरसाइज के फायदे | स्कवैट एक्सरसाइज के प्रकार | squat exercise ke fayde | squat exercise ke prakar

 

स्कवैट के फायदे व स्कवैट के प्रकार

squat ke fayde or uske prakar 

नमस्कार दोस्तों, स्कवेट exercise एक बहुत ही बढ़िया एक्सरसाइज है, वजन कम करने के लिये| यह एक पॉवर कंपाउंड मूवमेंट है| इसके बहुत सारे वेरिएशन है| जैसे - बैक स्कवैट , फ्रंट स्कवैट , ओवरहेड स्कवैट , सी सी स्कवैट , हैक स्कवैट , पिस्टल स्कवैट , सूमो स्कवैट , आदि| इस एक्सरसाइज में हमारे लेग्स  और ग्लुट्स (हिप) के मसल्स काम करते है|

 

स्कवैट एक्सरसाइज के फायदे | स्कवैट एक्सरसाइज  के प्रकार | squat exercise ke fayde | squat exercise ke prakar



तो आज मैं आपको स्कवैट एक्सरसाइज के ऐसे तीन वेरिएशन के बारे में आपको बताऊंगा जिनको आप अपने शरीर की ताकत बढ़ाने  और लेग्स के मसल्स की साइज़ बढ़ाने के लिए कर सकते है| और ये तीनो वेरिएशन हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद है|   

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इस आर्टिकल में स्कवैट के इन तीनो वेरिएशन के साथ उनके फायदे भी बताऊंगा| स्कवैट के इन तीनो वेरिएशन को, आपको अपने एक्सरसाइज प्रोग्राम के जरुर शामिल करना चाहिए|

जिन तीन वेरिएशन की में बात कर रहा हूँ वो है

बेक स्कवैट

फ्रंट स्कवैट

ओवरहेड स्कवैट

तीनो ही स्कवैट के बेस्ट वेरिएशन है और ये सभी वेटेड स्कवैट है और इन मे  बारबेल का यूज़ किया जाता है|

बैक स्कवैट

बैक स्कवैट को करते समय बारबेल को बैक (पीठ) पर रखा जाता है| इमसे बारबेल को स्कैपुला की स्पाइन के ऊपर रखा जाता है| (स्पाइन ऑफ स्कैपुला जो की हड्डी है, बैक के उपरी हिस्से में होता है) |

स्कवैट एक्सरसाइज के फायदे | स्कवैट एक्सरसाइज  के प्रकार | squat exercise ke fayde | squat exercise ke prakar



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बैक स्कवैट के फायदे

        लोअर बॉडी सुन्दर बनती है|

बैक स्कवैट करने से ग्लुट्स और लेग के मसल्स विकसित होते है जिससे ग्लुट्स और लेग के मसल्स (लोअर बॉडी) को सुडौल बनते है और लोअर बॉडी सुन्दर दिखती है|

        पुरे शरीर की ताकत बढती है

यह एक फंक्शनल व्यायाम (एक्सरसाइज) है , बैक स्कवैट से लोअर बॉडी के मसल्स सुन्दर तो बनते ही है साथ ही पुरे शरीर की ताकत भी बढती है|

        वजन कम होता है

बैक स्कवैट करने से पुरे शरीर का काफी अच्छा व्यायाम  हो जाता है| स्कवैट एक्सरसाइज में आपकी पूरी वर्क करती है जिससे इस एक्सरसाइज की करने से वजन कम होता है और फैट लोस भी होता है|

        ज्यादा वर्कलोड ले सकते है

बैक स्कवैट में फ्रंट और ओवरहेड स्कवैट के मुकाबले में  ज्यादा वजन उठा सकते है, क्योकि इसमें वजन का भार पुरे  शरीर पर आता है| बैक स्कवैट में जो भी वजन (भार) हम लेते है उसे  हमारा पूरा शरीर उठाता है

        पॉवरलिफ्टिंग खेल में हिस्सा ले सकते है

बैक स्कवैट पॉवरलिफ्टिंग खेल का हिस्सा है जिससे अगर आप इसके प्रैक्टिस करते आ रहे है तो आप पॉवरलिफ्टिंग खेल में भी हिस्सा ले सकते है|

 इन टिप्स के करे वजन कम 

फ्रंट स्कवैट

फ्रंट स्कवैट में बारबेल को आगे की तरफ (साइड) रखा जाता है|  इसमें बारबेल को क्लेविकल बोन (कोलरबॉन)  पर रखा जाता है| (क्लेविकल बॉन गर्दन के नीचे होती है) | और बारबेल को होल्ड करने के लिए हमारे शोल्डर सपोर्ट करते है|

स्कवैट एक्सरसाइज के फायदे | स्कवैट एक्सरसाइज  के प्रकार | squat exercise ke fayde | squat exercise ke prakar


फ्रंट स्कवैट के फायदे

        क्लीन एंड जर्क के लिए उपयोगी

क्लीन एंड जर्क करना हो तो फ्रंट स्कवैट पुरे लिफ्ट का 50% हिस्सा होता है| इसलिए फ्रंट स्कवैट , क्लीन एंड जर्क एक्सरसाइज करने वालो के लिए बहुत ही उपयोगी है|

        डेली लाइफ की एक्टिविटी को आसान बनाता है 

फ्रंट स्कवैट करने से हमें, हमारे दैनिक जीवन में काफी फायदा मिलता है|

फ्रंट स्कवैट में हम बारबेल को आगे की तरफ रखते है और हम दैनिक जीवन में भी किसी भी भार या लोड को हमेशा आगे ही रखते है| तो अगर हम फ्रंट स्कवैट करते है तो हमारे दैनिक जीवन के काम ऐसे काम आसान बन जाते है|

        कोर को मजबूत बनता है

स्कवैट एक्सरसाइज के फायदे | स्कवैट एक्सरसाइज  के प्रकार | squat exercise ke fayde | squat exercise ke prakar


फ्रंट स्कवैट में बारबेल आगे रखने की वजह से बॉडी के सेन्टर ऑफ ग्रेविटी को मेन्टेन रखने किये कोर को भी एक्टिव होता जाता है जिससे कोर के मसल्स भी मजबूत बनते है|

        पोस्चर सुधरता है

फ्रंट स्कवैट से हमारे कोर के मसल्स स्ट्रोंग बनते है जिससे हमारे शरीर का पोस्चर सुधरता है|

        गर्भवती महिलायों के लिए लाभदायक

अगर फ्रंट स्कॉट को गर्भाधान से पहले महिलाओ द्वारा किया जाये तो इस बात की सम्भावना अधिक होती है कि शायद वे अपनी अंतिम तिमाही कमर दर्द की समस्या ना हो|

ओवरहेड स्कवैट

ओवरहेड स्कवैट एक चुनौती पूर्ण व्यायाम है|  ओवरहेड स्कवैट को करने के लिए आपके शोल्डर मजबूत होने चाहिए|  ओवरहेड स्कवैट में बारबेल को हाथ के पकड़कर रहते हुए हेड (सिर) के ऊपर रहता है| आप फोटो में देख सकते है| 



स्कवैट एक्सरसाइज के फायदे | स्कवैट एक्सरसाइज  के प्रकार | squat exercise ke fayde | squat exercise ke prakar

बैक मसल्स की बेस्ट एक्सरसाइज 

ओवरहेड स्कवैट के फायदे

        कोर मसल्स मजबूत बनते है

ओवरहेड स्कवैट बारबेल को  सिर के ऊपर रखने की वजह से बॉडी के सेन्टर ऑफ ग्रेविटी को मेन्टेन रखने किये कोर को भी एक्टिव होता जाता है जिससे कोर के मसल्स भी ट्रेन और  मजबूत होते है|

        शरीर के संतुलन को बेहतर बनाने में मदद करता है

ओवरहेड स्कवैट करते समय सबसे बड़ा टास्क यही होता है कि बॉडी को बैलेंस कैसे करे क्योकि बारबेल सर के ऊपर होने से बॉडी की सेन्टर ऑफ ग्रेविटी ऊपर चली जाती है जिससे बॉडी को वजन को कण्ट्रोल करते हुए,बैलेंस करना मुश्किल हो जाता है |

इस एक्सरसाइज को करने से धीरे धीरे बॉडी वजन के साथ बैलेंस करना सीख जाती है| इस प्रकार शरीर का संतुलन बेहतर बनता है| 

कंधे मज़बूत और ताकतवर बनते है| 

स्कवैट एक्सरसाइज के फायदे | स्कवैट एक्सरसाइज  के प्रकार | squat exercise ke fayde | squat exercise ke prakar


ओवरहेड स्कवैट में कंधो पर वजन का भार ज्यादा आता है जिससे वे भी ट्रेन होते है| इसलिए ओवरहेड स्कवैट करने से कंधे भी काफी मज़बूत बनते है|

 

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धन्यवाद

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BEARDOO LOVR

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